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NEET Paper Leak

DHARMENDRA PRADHAN RESIGNATION: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है. प्रदर्शनकारी अब 2 मांगें लेकर बैठे हैं, जानें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने क्या कहा?

Dharmendra Pradhan Resignation: NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने क्या कहा?

जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधान के इस्तीफे को करोड़ों युवाओं की जीत बताया है.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोनम वांगचुक ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है. उन्होंने कहा कि यह शांतिपूर्ण जनआंदोलन, धैर्य और लगातार संघर्ष का परिणाम है.

NEET paper leak Nawada teachers appeal: NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रस्तावित आंदोलन से पहले नवादा के शिक्षकों ने छात्रों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन की अपील की है. शिक्षकों ने बताया कि DM के साथ बैठक में परीक्षा व्यवस्था, छात्रों की चिंताओं और कानून-व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हो चुकी है.

NEET paper leak Bihar Bandh update: NEET पेपर लीक मामले को लेकर AISA के बिहार बंद के बीच भोजपुर और जहानाबाद समेत कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. प्रशासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी है, लेकिन कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 27 जुलाई को नई दिल्ली में नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में शामिल होंगी.

Dharmendra Pradhan Resignation: नीट पेपर लीक विवाद के बीच सीजेपी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर 24 घंटे का वक्त दिया है. हालांकि, आरएसएस से मजबूत जुड़ाव और मोदी कार्यकाल में सबसे लंबे समय तक शिक्षा मंत्री रहने के रिकॉर्ड के कारण उनका इस्तीफा होना बेहद मुश्किल माना जा रहा है.

NEET UG Paper Leak Protest: नीट यूजी पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों और 'संसद चलो' मार्च में कथित विदेशी फंडिंग और हिंसा की NIA जांच की मांग करने वाली याचिका को याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट से वापस ले लिया है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अन्य कानूनी विकल्प अपनाने की अनुमति दे दी है.

मोदी कैबिनेट ने पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून को मंजूरी दी है. नए बिल में 10 साल तक की जेल, ₹10 करोड़ तक जुर्माना और स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान है.