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Operation Sindoor

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर रिटायर्ड मेजर जनरल अनुज माथुर ने कहा कि यह सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि भारत की बदलती रणनीतिक सोच का संकेत था, जहां देश अब प्रतिक्रिया देने के बजाय जरूरत पड़ने पर पहले से कार्रवाई करने की क्षमता पर जोर दे रहा है.

पूरा हिंदुस्तान 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ मना रहा है. इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय सेना के शौर्य को सैल्यूट किया है.

Operation Sindoor Anniversary: 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर PM Modi ने बड़ा 'Digital Plan' तैयार किया है. 7 से 10 मई तक पार्टी के सभी बड़े नेता अपनी Social Media DP बदलेंगे. तिरंगे के साथ #OperationSindoor हैशटैग के जरिए देश भर में एकजुटता का संदेश देने की तैयारी है.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर जवाब दिया था. भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. यह अभियान भारत की नई नीति का प्रतीक बना.

Operation Sindoor की पहली वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना ने एक वीडियो साझा कर देश के शौर्य को याद किया है. 7 मई 2025 को पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए शुरू किए गए इस 88 घंटे लंबे ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान स्थित 9 आतंकी ठिकानों और 11 एयरबेस को तबाह कर दिया था.

दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि मल्टी-पोलर दुनिया में पावर पॉलिटिक्स हावी हो रही है.

Rajnath Singh SCO meeting: एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि सीमापार आतंकवाद किसी भी देश की संप्रभुता पर हमला है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

न भूलेंगे, न छोड़ेंगे: पहलगाम की बरसी पर आतंक के खिलाफ मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का फूटा आक्रोश, अगर पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद ने दोबारा सिर उठाया, तो जवाब पहले से ज्यादा कड़ा और निर्णायक होगा। इंद्नेश कुमार ने कहा कि यह कार्रवाई पहलगाम के हर पीड़ित के आंसू का जवाब है।

Pahalgam Terror Attack @ 1 Year: पहलगाम हमले की पहली बरसी पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ की कहानी पढ़िए. 93 दिनों के संघर्ष में भारतीय सुरक्षाबलों ने लश्कर के आतंकियों को ढेर कर न्याय दिलाया.

पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. 22 अप्रैल 2025 को हुए इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी. आज पूरी घाटी में हाई अलर्ट है और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है.