आज 8 मई है और पूरा देश एक ऐसे गौरवशाली दिन की याद में डूबा है, जिसने भारतीय सेना के पराक्रम की एक नई इबारत लिखी थी. पिछले साल आज ही के दिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के जरिए भारत ने आतंकवाद को करारा जवाब दिया था. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के जांबाज सैनिकों को याद करते हुए एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक संदेश साझा किया है.
सेना के शोर्य से नागरिको का सर है उठा
प्रधानमंत्री ने कहा कि मां भारती की रक्षा के लिए हमारे सैनिकों का समर्पण और उनका जज्बा हर भारतीय के दिल में जोश भर देता है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सेना का यही शौर्य है जो आज हर नागरिक को गर्व से सिर उठाकर जीने की ताकत देता है.
भगवद्गीता के श्लोक से कर्तव्य का संदेश
इस मौके पर पीएम मोदी ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उस उपदेश को याद किया, जो आज भी हमारे सैनिकों के लिए सबसे बड़ा मंत्र है. उन्होंने गीता का श्लोक साझा किया:
देश के मान-सम्मान की रक्षा के लिए भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम सभी देशवासियों को गौरवान्वित करता है। मां भारती के लिए मर-मिटने का उनका जज्बा हर किसी को प्रेरित करने वाला है।
स्वधर्ममपि चावेक्ष्य न विकम्पितुमर्हसि |
धर्म्याद्धि युद्धाच्छ्रेयोऽन्यत्क्षत्रियस्य न विद्यते || pic.twitter.com/FNuJ4tXyvX
— Narendra Modi (@narendramodi) May 8, 2026
स्वधर्ममपि चावेक्ष्य न विकम्पितुमर्हसि ।
धर्म्याद्धि युद्धाच्छ्रेयोऽन्यत्क्षत्रियस्य न विद्यते ।।
इसका सीधा और सरल मतलब है कि अपने कर्तव्य (धर्म) को पूरा करते समय कभी घबराना या डगमगाना नहीं चाहिए. एक सैनिक के लिए धर्मयुद्ध से बढ़कर कोई दूसरा कल्याणकारी रास्ता नहीं होता.
क्यों शुरू हुआ था ‘ऑपरेशन सिंदूर’?
इसकी पृष्ठभूमि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए एक कायराना आतंकी हमले से जुड़ी है जिसमें में 26 बेगुनाह नागरिक मारे गए थे. उस वक्त पूरे देश में गुस्सा था. इसी का जवाब देने के लिए ठीक एक साल पहले, 7 मई 2025 को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया.
ये कोई साधारण सैन्य कार्रवाई नहीं थी. इसमें भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना यानी हमारी तीनों सेनाओं ने मिलकर एक ‘त्रि-सेवा अभियान’ (Tri-service Operation) चलाया था. पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों और उनके ट्रेनिंग कैंपों को इतनी सटीकता से निशाना बनाया गया कि दुनिया दंग रह गई. इसने साफ कर दिया कि भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त करने के मूड में बिल्कुल नहीं है.
सटीकता और साहस की मिसाल
ऑपरेशन सिंदूर की सबसे बड़ी खूबी ये थी कि इसे बिना किसी बड़ी नागरिक क्षति के, बेहद पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया. आज इसकी पहली वर्षगांठ पर रक्षा मंत्रालय और पूरा देश उन वीरों को सलाम कर रहा है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना सरहद के उस पार जाकर दुश्मन को धूल चटाई.
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-भारत एक्सप्रेस
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