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PLI Schemes

कुशमैन एंड वेकफील्ड द्वारा विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में सीईओ, प्लांट प्रमुखों और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधकों सहित 94 टॉप लीडर्स के सर्वेक्षण के आधार पर रिपोर्ट में उद्योग के मजबूत आशावाद का उल्लेख किया गया है.

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की प्रमुख उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं ने अब तक उत्पादन और बिक्री में 16.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का सृजन किया है और 12 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा की हैं.

PLI जैसी सरकारी योजनाओं ने हाल के वर्षों में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया है, जिसमें एप्पल और सैमसंग जैसी वैश्विक तकनीकी दिग्गज कंपनियां देश में अपनी सप्लाई चेन को बढ़ाने पर दोगुना जोर दे रही हैं.

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस योजना में 1.76 लाख करोड़ रुपए का निवेश हुआ है, जिससे मार्च 2025 तक 16.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का उत्पादन/बिक्री और 12 लाख से अधिक (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) रोजगार सृजित हुए हैं.

केंद्र सरकार की ओर से यह आवेदन 11 मुख्य फार्मास्युटिकल उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए मांगे गए है.

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, आईटी हार्डवेयर, बल्क ड्रग्स, मेडिकल डिवाइस, फार्मास्यूटिकल्स, टेलीकॉम प्रोडक्ट्स, फूड प्रोसेसिंग, व्हाइट गुड्स, ऑटोमोबाइल और ड्रोन सहित 10 क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए अपनी पीएलआई योजनाओं के तहत 14,020 करोड़ रुपये वितरित किए गए.

इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस वित्त वर्ष (अप्रैल-जनवरी) के 10 महीनों में भारत, मोबाइल निर्यात में 1,50,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें अकेले जनवरी में निर्यात 25,000 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज हुआ है.

कुल 1,596 करोड़ रुपये में से सबसे अधिक 964 करोड़ रुपये बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए PLI योजना के तहत वितरित किए गए. इसके बाद फार्मा (604 करोड़ रुपये), फूड प्रोडक्ट (11 करोड़ रुपये), टेलिकॉम (9 करोड़ रुपये), बल्क ड्रग्स (6 करोड़ रुपये) और ड्रोन (2 करोड़ रुपये) का स्थान रहा.

भारत सरकार की PLI योजनाओं से अगले 5-6 वर्षों में 720 कंपनियों द्वारा $459 बिलियन की अतिरिक्त आय उत्पन्न होने की संभावना है. यह आय आयात में कमी और निर्यात को बढ़ावा देने में मदद करेगी.

14 क्षेत्रों में PLI योजनाओं से 1.28 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ और 8.5 लाख से अधिक नौकरियां पैदा हुई. इन पहलों ने इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टील, फार्मास्यूटिकल्स और रक्षा विनिर्माण जैसे उद्योगों में महत्वपूर्ण वृद्धि को बढ़ावा दिया है.