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#Rajasthan politics

राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। जल्द ही पार्टी उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर सकती है। इधर माना जा रहा है कि इस बार बीजेपी, आरएसएस के सुझाव को मान सकती है। अगर ऐसा होता है तो जयपुर की विधानसभा सीटों पर बदलाव देखने को मिल सकता है।

महारानी दीया कुमारी को बीजेपी में राजस्थान चुनाव से जुड़ी महत्वपूर्ण भूमिका देने की अटकलें कई साल से लगाई जा रही हैं. पर पीएम मोदी की सभा का संचालन करके वो लाइमलाइट में आ गईं हैं. राजस्थान में क्या चीजें ऐसी हैं जो उनके फेवर में जा सकती हैं? क्या एन चुनाव से पहले उन्हें वसुंधरा राजे का विकल्‍प बनाया जा सकता है?

सीएम अशोक गहलोत के विजन-2030 डॉक्यूमेंट के लिए अब तक 3 करोड़ 14 लाख 66 हजार 312 सुझाव आए हैं। ये सुझाव विषय विशेषज्ञों ने नहीं बल्कि प्रदेश के आमजन ने दिए हैं। आम आदमी को फ्री की दो ही चीजें दीजिए- शिक्षा व स्वास्थ्य। पब्लिक का कहना है कि मनरेगा पर भारी पैसा लग रहा है,मॉडल बदलिए।

Rajasthan Politics: माना जा रहा है कि पायलट के सुर भले ही नरम पड़े हों लेकिन उनके समर्थकों के तेवर अभी भी तीखे हैं.

राजस्थान में सत्ता परिवर्तन होता है और बीजेपी सरकार बनती है तो मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा, इस पर संशय बरकरार है. 20 सालों से बीजेपी का प्रमुख चेहरा रही वसुंधरा राजे की पार्टी में अनदेखी की जा रही है. इसके बाद पीएम की सभा में कुछ ऐसे चेहरे नजर आएं हैं जो प्रदेश में पार्टी का भविष्य हो सकते हैं.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री का पद छोड़ना चाहता हूं, लेकिन यह पद मुझे नहीं छोड़ रहा है. भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि कोई भाजपा के अलावा किसी पार्टी को पैसा देता है तो ईडी, इनकम टैक्स का डर रहता है.

हनुमान बेनीवाल और ज्योति मिर्धा, ये वो 2 नाम हैं, जिनकी सियासी दुश्मनी की चर्चा आज पूरे राजस्थान में है. बेनीवाल अक्सर कहते है कि नागौर में अब मिर्धा का कोई नामलेवा नहीं रहा है.

राजस्थान की सियासत में हमेशा से बड़े राजनीतिक परिवारों का बड़ा दखल रहा है। विधानसभा चुनाव के शंखनाद से पहले ही राजनीतिक पार्टियां इन परिवारों को अपने पाले में करने में जुट गई हैं.

राजस्थान में ओबीसी फैक्टर विधानसभा चुनावों में पूरी सियासत को हर बार बदलता है. विधानसभा चुनावों को आम तौर पर सरसरी निगाह से देखें तो पूरा प्रदेश जातियों में बंटा नज़र आता है. ओबीसी में शामिल जातियां किसी एक मंच पर दिखाई नहीं देती हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी दौरे से पहले जयपुर में वसुंधरा राजे ने शक्ति प्रदर्शन किया. इस दौरान वसुंधरा राजे ने कहा कि मैं राजस्थान छोड़ने वाली नहीं हूं. वहीं एक कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे साथ में नजर आए.