नैनो से आसमान तक: जानिए रतन टाटा का ‘भारत के आखिरी नागरिक’ के लिए देखा गया वो सपना, जो आज भी जिंदा है
Ratan Tata: रतन टाटा का जाना भारतीय उद्योग जगत के एक सुनहरे अध्याय का अंत नहीं, बल्कि उस सोच का विस्तार है जिसने आम नागरिक की जिंदगी संवारने को ही अपना सबसे बड़ा लक्ष्य माना. जानिए कैसे उन्होंने बिजनेस को देश सेवा से जोड़ा.
सिर्फ बिजनेस नहीं, इंसानियत सर्वोपरि: 26/11 के बाद रतन टाटा ने सिखाया असली लीडरशिप का पाठ
जानिए 26/11 के मुंबई हमलों के बाद देश सहम गया था. लोग इसे अपने-अपने तरीके से देख रहे थे. हालांकि, इस दौरान और इसके बाद भी रतन टाटा के नेतृत्व ने दुनिया को कर्तव्य, जिम्मेदारी और मानवता पाठ पढ़ाया था. आइये जानें उन्होंने क्या सीख दी थी?
कारोबार या सही फैसला? बदलाव के दौर से गुजर रहे टाटा समूह के सामने क्या हैं असली इम्तिहान
टाटा समूह आज नेतृत्व परिवर्तन और भविष्य की रणनीति को लेकर एक अहम दौर से गुजर रहा है. ऐसे समय में हरीश भट की किताब “डूइंग द राइट थिंग: लर्निंग्स फ्रॉम रतन टाटा” रतन टाटा की नेतृत्व शैली और उनके मूल्यों को समझने का एक महत्वपूर्ण नजरिया देती है.
Tata Sons का नया दौर: 40 साल बाद विदा हो रहे एन. चंद्रशेखरन, कौन संभालेगा भारत का सबसे बड़ा बिजनेस एंपायर?
CHANDRASEKARAN TATA ERA ENDS: वर्ष 1987 में एक साधारण ट्रेनी प्रोग्रामर के रूप में TCS से करियर की शुरुआत करने वाले एन. चंद्रशेखरन (चंद्रा) टाटा संस के चेयरमैन पद से हटने की तैयारी कर रहे हैं. उनके इस फैसले से जहां टाटा ग्रुप की कंपनियों का मार्केट कैप ₹68,000 करोड़ से अधिक घट गया, वहीं टाटा ट्रस्ट्स ने नए चेयरमैन की तलाश शुरू कर दी है.
रतन टाटा की जयंती: अमित शाह से योगी तक, सभी नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, शिवराज सिंह चौहान और अन्य नेताओं ने उनके योगदान को याद किया.
दिल्ली हाई कोर्ट ने रतन टाटा के नाम का अनधिकृत उपयोग रोकने के लिए रजत श्रीवास्तव पर लगाई रोक, मुकदमा खारिज
दिल्ली हाई कोर्ट ने रजत श्रीवास्तव को 'रतन टाटा आइकन अवार्ड' नाम से पुरस्कार आयोजित करने पर रोक लगा दी है, क्योंकि उन्होंने टाटा ट्रस्ट और रतन टाटा के नाम, लोगो और चित्रों का अनधिकृत उपयोग किया था.
Tata Sons के नाम पर शापूरजी पल्लोनजी (SP) समूह कर रहा धोखाधड़ी!
आरोप है कि शापूरजी पल्लोनजी (SP) समूह ने गलत बुनियाद के आधार पर अमेरिका सहित विभिन्न यूरोपीय देशों से पैसे इकट्ठा कर रहा है. प्रचारित यह भी किया जा रहा है कि रतन टाटा के निधन के बाद टाटा के साथ उनके रिश्ते सामान्य हो गए हैं.
रतन टाटा के लिए सबसे खुशी का पल क्या था, किस घटना ने झकझोरा, जानिए कैसे बदला जिंदगी को देखने का नजरिया
रतन टाटा जब एक रेडियो प्रस्तोता ने पूछा कि जीवन में सबसे खुशी का क्षण कौन सा था, तो उन्होंने चार चरणों का जिक्र किया, जिससे वह गुजरे और अंततः उन्हें असली सुख का एहसास हुआ.
भारत के रतन का जाना
रतन टाटा भारतीय उद्यमशीलता की बेहतरीन परंपराओं के प्रतीक थे. वो विश्वसनीयता, उत्कृष्टता औऱ बेहतरीन सेवा जैसे मूल्यों के अडिग प्रतिनिधि थे.
Ratan Tata की वसीयत को लागू करवाने की जिम्मेदारी इन चार लोगों पर होगी, यहां जानें नाम
Ratan Tata Will: टाटा संस में 0.83% हिस्सेदारी रखने वाले रतन टाटा की कुल संपत्ति 7,900 करोड़ रुपये थी. उन्होंने लंबे समय से अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा दान और सामाजिक कल्याण के लिए समर्पित करने की इच्छा व्यक्त की थी.







