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sanatan dharma

Mahabharata Warriors Divine Shankh: द्वापर युग में हुए कुरुक्षेत्र के युद्ध में केवल श्रीकृष्ण का पांचजन्य ही नहीं गूंजा था, बल्कि भीष्म पितामह, अर्जुन और दुर्योधन के पास भी तेज आवाज वाले शंख थे. जानिए महाभारत के अनुसार किस योद्धा के शंख का क्या नाम था और उसकी उत्पत्ति कैसे हुई.

पाशुपतास्त्र भगवान शिव की दिव्य शक्ति का प्रतीक था. इसे पाने के लिए केवल शौर्य नहीं, बल्कि तप, संयम और भक्ति की भी आवश्यकता थी. आज भी यह अस्त्र भारतीय पौराणिक कथाओं में रहस्य और शक्ति का प्रतीक बना हुआ है.

Lord Vishnu Sudarshan Chakra: सुदर्शन चक्र केवल एक अस्त्र नहीं, बल्कि भगवान विष्णु की दिव्य चेतना का प्रतीक है. इसका वेग लोहा-पत्‍थर और पर्वतों को भी काट डालने वाला है. यह दैवीय अस्‍त्र अधर्म का अंत करता है.

प्रयागराज के माघ मेले में धर्म, सेवा और राजनीति का संगम देखने को मिला, जब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी करपात्री जी महाराज के महानिर्वाण महोत्सव में शामिल हुए और ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ का संदेश दिया.

प्रयागराज के माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़ा विवाद थम नहीं रहा. इस विवाद पर महंत रविंद्र पुरी का बयान आया है. उनका कहना है कि कुछ लोग सनातनियों को आपस में लड़ाना चाहते हैं. मेरी अपील है कि शंकराचार्य जी उपवास खत्म करें, शांति से स्नान करें. एकता जरूरी है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऋषिकेश में गीता प्रेस की 'कल्याण' पत्रिका के शताब्दी अंक का विमोचन किया. उन्होंने कहा- सनातन की रक्षा शोर से नहीं, शास्त्र और तर्क से होती है. हनुमान प्रसाद पोद्दार के योगदान और भारतीय संस्कृति पर विस्तार से पढ़ें.

राज्यसभा सांसद और यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द के विचारों से प्रेरित आज का भारत गुलामी की मानसिकता से बाहर निकल चुका है.

Swabhiman Parv: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमनाथ मंदिर (Somnath mandir) पर हुए पहले हमले के 1000 वर्ष पूरे होने पर 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' मनाने की घोषणा की. यह पर्व 8 से 11 जनवरी तक चलेगा.

टीएमसी विधायक मदन मित्रा के 'भगवान राम मुसलमान थे' वाले बयान पर बंगाल में सियासी संग्राम छिड़ गया है. भाजपा ने इसे सनातन धर्म का अपमान और तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया है.

मथुरा में विश्व हिंदू परिषद की ओर से शौर्य यात्रा आयोजित की गई। यह यात्रा मसानी वेद मंदिर से शुरू होकर शहर के विभिन्न हिस्सों से गुज़री, जहां लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई और ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी गई। कथा वाचक देवकी नंदन महाराज ने शौर्य यात्रा के दौरान कहा कि मथुरा में भव्य मंदिर बनेगा जैसे अयोध्या में हुआ। उन्होंने बाबर की विचारधारा के खिलाफ कड़े शब्द कहे और सनातनियों के अधिकारों की बात की। शौर्य और इतिहास के प्रति यह यात्रा एक महत्वपूर्ण प्रतीक रही।