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Solah Sanskar In Hindu Dharma: इंसान के मां के गर्भ में आने से लेकर उसकी मृत्यु तक सनातन धर्म में 16 संस्कारों को बेहद जरूरी माना गया है. ऋषि-मुनियों द्वारा तैयार की गई यह सूची व्यक्ति को सुसंस्कृत और खुशहाल जीवन जीना सिखाती है.

Tulsi Puja Rules: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और इसकी पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सही दिशा, सही समय और विधि से तुलसी पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.

Chauth Mata Mandir Sawai Madhopur: राजस्थान के सवाई माधोपुर में स्थित देश का सबसे बड़ा चौथ माता मंदिर 575 साल पुराना है. 1000 फीट ऊंचे पहाड़ पर बसे इस मंदिर में 700 सीढ़ियां हैं

Constitution Controversy: राजा भैया ने कहा कि भारत हिंदू बहुल है, इसीलिए संविधान सुरक्षित है. इस बयान के वायरल होते ही विवाद शुरू हो गया है. पार्टी ने इसे विरोधियों की साजिश बताया है.

PM Narendra Modi Latest News: प्रधानमंत्री मोदी 11 मई को सोमनाथ मंदिर में विशेष पूजा करेंगे. अयोध्या के संतों ने इस यात्रा को भारतीय सांस्कृतिक पुनर्जागरण का बड़ा प्रतीक बताया है.

5 हजार साल पहले धरती पर हुए महाभारत युद्ध के बाद श्रीकृष्ण द्वारका लौट रहे थे, उस दिन उन्‍होंने धर्मराज युधिष्ठिर को सिखाया कि हर सफलता नई जिम्मेदारियों और चुनौतियों के साथ आती है. विनम्रता और सतर्कता ही सच्ची सफलता है.

झारखंड के साहिबगंज जिले के केशाफूली गांव में आयोजित ‘घर वापसी’ कार्यक्रम में करीब 40 लोगों ने छह साल बाद ईसाई धर्म छोड़कर दोबारा सनातन धर्म अपनाया. धार्मिक अनुष्ठान और अग्नि परीक्षा के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ.

कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने खामेनेई की मौत पर दुख जताया. बोले- सनातन का मतलब शांति है, युद्ध नहीं. हम किसी नेता के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं चाहते. ईरान-इजराइल युद्ध की निंदा करते हैं. शांति ही सच्चा रास्ता है.

पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सनातन संस्कृति और समाज की एकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत अब दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है. मंदिरों और सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्निर्माण को उन्होंने देश के बदलते इतिहास का हिस्सा बताया.

Mahabharata Warriors Divine Shankh: द्वापर युग में हुए कुरुक्षेत्र के युद्ध में केवल श्रीकृष्ण का पांचजन्य ही नहीं गूंजा था, बल्कि भीष्म पितामह, अर्जुन और दुर्योधन के पास भी तेज आवाज वाले शंख थे. जानिए महाभारत के अनुसार किस योद्धा के शंख का क्या नाम था और उसकी उत्पत्ति कैसे हुई.