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sanatan dharma

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दो दिवसीय भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अनुवादित श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की, जिसे लेकर अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने इसे अद्भुत कदम बताते हुए कहा कि मोदी जी सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के सच्चे राजदूत हैं.

जनेऊ को यज्ञोपवीत भी कहते हैं. धार्मिक रूप से यह व्यक्ति को ईश्वर, गुरु और ज्ञान के समीप ले जाता है, वहीं वैज्ञानिक रूप से यह स्वास्थ्य, संयम और अनुशासन बनाए रखने में सहायक होता है. जानिए इसके स्वास्थ्य लाभ, धार्मिक महत्व और पौराणिक कथा-

दक्षिण काली मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी ने शिवसेना-एनडीए समन्वयक डॉ. अभिषेक वर्मा को आशीर्वाद दिया. डॉ. अभिषेक वर्मा ने कहा कि उनसे राष्ट्रसेवा के संकल्प को नई ऊर्जा मिली.

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर परिसर के गेट नंबर-11 का नाम बदलकर ‘जगदगुरु आद्य शंकराचार्य द्वार’ रखा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को इसी द्वार से राम जन्मभूमि परिसर में प्रवेश करेंगे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में RSS कार्यक्रम में कहा कि राजनीतिक इस्लाम को इतिहास में नजरअंदाज किया गया है, जबकि यह सनातन धर्म पर बड़ा हमला रहा है.

आचार्य लोकेश मुनि और धीरेंद्र शास्त्री ने दिल्ली में सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के जरिए हिंदू समाज में एकता और भाईचारे का संदेश दिया. उनकी यह यात्रा दिल्ली से वृंदावन तक जाएगी, जिससे समाज में अहिंसा और सेवाभाव को बढ़ावा मिलेगा.

Mahayagya in Kalki Dham: श्री कल्कि धाम में मासिक सत्संग और महायज्ञ का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ. आचार्य प्रमोद कृष्णम के सान्निध्य में यज्ञ और प्रवचन ने भक्तों को भाव विभोर किया. यह धाम आस्था का नया केंद्र बन रहा है.

Mamta Kulkarni: बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने फिल्मों को अलविदा कहकर 25 साल की तपस्या के बाद अध्यात्म का मार्ग चुना. महामंडलेश्वर बनने के बाद उठे विवादों के चलते उन्होंने पद छोड़ दिया, लेकिन सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में जुटी हैं.

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कई मुस्लिम परिवारों का मंत्रोच्चार और हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शुद्धिकरण किया गया. इस कदम को "घर वापसी" के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ लोग अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हैं.

धर्मशाला में दलाई लामा के 90वें जन्मदिन पर अंतरधार्मिक नेताओं ने शांति और संवाद की अपील की. आचार्य लोकेश मुनि ने कहा, "धर्म जोड़ता है, हिंसा का कोई स्थान नहीं. हमें बुद्ध चाहिए, युद्ध नहीं."