‘जो पिंड में है, वही ब्रह्मांड में..’, पीएम मोदी ने शेयर किया उपनिषद का श्लोक, क्या है मतलब?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सुभाषितम्' श्रृंखला के तहत उपनिषद का एक प्राचीन श्लोक साझा कर आत्मा और ब्रह्मांड की एकता का संदेश दिया. वीडियो के माध्यम से श्लोक का अर्थ हिंदी और अंग्रेजी में समझाते हुए भारतीय दर्शन की वैश्विक प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया.
“जीवन बदलेगा तभी बढ़ेगा भारत…” पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक के जरिए दिया सामाजिक कर्तव्यों का पाठ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्कृत श्लोक के माध्यम से महिला सुरक्षा, युवा विकास और राष्ट्र निर्माण को देश की प्रगति का मूल आधार बताया. उन्होंने कहा कि हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव और राष्ट्र की एकता को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
‘निःस्वार्थ कर्म ही मानवता की बड़ी शक्ति…’ पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक साझा कर देश को दिया सेवा का नया मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्कृत श्लोक साझा कर निःस्वार्थ सेवा, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण को जीवन का सर्वोच्च आदर्श बताया. उन्होंने कहा कि सभी प्राणियों के हित में किया गया कर्म ही सच्ची ईश्वर भक्ति और सफलता का मूल मंत्र है...
‘अहंकार नहीं, विनम्रता…’ पीएम मोदी ने नीतिशतकम के श्लोक से दुनिया को सिखाया परोपकार का पाठ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भर्तृहरि के नीतिशतकम का प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक साझा कर विनम्रता, सेवा और परोपकार का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि सच्ची सफलता पद या धन से नहीं, बल्कि समाज के प्रति समर्पण और नम्रता से मापी जाती है...
‘साथ चलो, एक सुर में बोलो…’, ऋग्वेद के श्लोक से पीएम मोदी का देश को सबसे बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ऋग्वेद के प्रसिद्ध मंत्र के जरिए देशवासियों को एकता, संवाद और सामूहिक राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया. लगातार तीसरे दिन साझा किए गए संस्कृत सुभाषितों के माध्यम से पीएम ने सांस्कृतिक चेतना, कर्तव्य और राष्ट्रीय एकजुटता पर जोर दिया...







