Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

sharad pawar

शरद पवार और गौतम अडानी की ताजा मुलाकात के बाद एक बार फिर सवालों के सिलसिले तेज हो गए हैं. एक तरफ जहां इसे इंडिया गठबंधन में दरार से जोड़कर देखा जा रहा है. वहीं, दूसरी तरफ भाजपा ने इसे सुविधा की राजनीति और ब्लैकमेलिंग कह दिया है.

Political news: इंडिया गठबंधन से जुड़ी पार्टी एनसीपी के चीफ शरद पवार और उद्योगपति अडानी की मुलाकात से सियासी गलियारे में घमासान मच गया है. शरद पवार अहमदाबाद में एक इवेंट में पहुंचे थे, जहां वह अडानी के साथ रिबन काटते दिखे. अडानी से मुलाकात की उनकी तस्वीर खूब चर्चा में है.

अजित पवार 30 जून को पार्टी के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार में शामिल हो गए. पार्टी के ज्यादातर विधायक भी उनके प्रति वफादारी दिखाते हैं.

केसी वेणुगोपाल ने कहा, "पहली रैली में महंगाई, बेरोजगारी और बीजेपी के भ्रष्टाचार का मुद्दा होगा." उन्होंने कहा कि बैठक में फैसला हुआ है कि इंडिया ब्लॉक के नेता कुछ मीडिया ग्रुप्स के शो में हिस्सा नहीं लेंगे."

INDIA गठबंधन समन्वय समिति के सदस्य डी राजा ने कहा, "पार्टियां राजस्थान, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर चर्चा जारी रखेंगी."

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने बीड में आयोजित एक रैली को संबोधित किया. जहां उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कहा कि राजनीति में न तो कोई हमेशा के लिए दुश्मन होता है और ना ही कोई दोस्त.

पूर्व केंद्रीय मंत्री से जब पूछा गया कि क्या वह पार्टी के विद्रोहियों के प्रति नरम रुख अपना रहे हैं तो उन्होंने कहा, ''विद्रोहियों का नाम लेकर उन्हें महत्व क्यों दिया जाए.''

Sharad Pawar on Ajit: लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने भी कहा था कि NCP में कोई फूट नहीं है. अजित पवार हमारी पार्टी के नेता हैं.

इस बीच खबर आई थी कि बंद कमरे में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई है. हालांकि, बाद में इस बात पर खुद शरद पवार ने मुहर लगाई. उन्होंने कहा कि मेरे भतीजे से मिलने में क्या गलत है?

चाचा भतीजे की मुलाकात से कांग्रेस यूं ही परेशान नहीं है। सिर्फ कांग्रेस ही नहीं विपक्षी मंच के अन्य दलों के माथे पर भी शिकन साफ दिखती है।