“ॐ नमो नीलकण्ठाय ॐ पार्वतीपतये नमः ॐ पशुपतये नम:” जाने पूजा विधि सही मंत्र और महादेव को प्रसन्न करने के सभी तरीके
महाशिवरात्रि की पूजा के लिए जरूरी साम्रगी सही जाप के साथ जानें औघड़दानी को प्रसन्न करने के वो सभी उपाय...
महाकुंभ में सनातन धर्म की ताकत को प्रदर्शित करने वाला महाआयोजन: केंद्रीय मंत्री और सांसदों की सराहना
महाकुंभ को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण ने कहा कि यह आयोजन भारत के सनातन धर्म की ताकत को प्रदर्शित करता है और इसके आयोजन की व्यवस्था अद्भुत है.
रूस, फ्रांस, इजरायल और इटली भेजी गई महाकुंभ की 10 हजार से ज्यादा अमिट निशानियां, अमरूद के पौधे भी शामिल
Environmental Initiative: महाकुंभ की 10,000 से अधिक निशानियां रूस, जर्मनी, फ्रांस, इजरायल और इटली भेजी गईं. जिनमें पौधे भी शामिल हैं, यह पहल हरित महाकुंभ के लिए ऐतिहासिक कदम है.
Mahakumbh 2025: महंत दिव्या गिरी ने की महाकुंभ में अडानी समूह के सेवा कार्यों की प्रशंसा, गीता प्रेस के साथ कराया 1 करोड़ ‘आरती संग्रह’ का वितरण
महाकुंभ 2025 में गीता प्रेस ने श्रद्धालुओं को एक करोड़ आरती संग्रह की निःशुल्क प्रतियाँ वितरित की हैं, जबकि अडानी समूह ने महाप्रसाद और गोल्फ कार्ट सेवा जैसी सुविधाएँ प्रदान की हैं.
Mauni Amavasya 2025 पर हरिद्वार और वाराणसी में कैसे उमड़ा जनसैलाब, गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
मौनी अमावस्या के मौके पर गंगा स्नान के लिए हरिद्वार और वाराणसी में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. कड़ाके की ठंड के बावजूद हर की पैड़ी पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए भक्तजन पहुंचने लगे हैं.
Maha Kumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए अदाणी समूह को मिला गीता प्रेस का साथ
Adani Group Cultural Services: अदाणी समूह और गीता प्रेस मिलकर महाकुंभ में श्रद्धालुओं को मुफ्त आरती संग्रह वितरित कर रहे हैं. 1 करोड़ आरती संग्रह बांटने का लक्ष्य रखा गया है.
‘मैं अखंड ब्रह्मचारी रहना चाहता हूं…’, 14 साल के लड़के के इस सवाल पर प्रेमानंद महाराज ने क्या जवाब दिया, पढ़िए
Premanand Maharaj on Brahmacharya: प्रेमानंद महाराज ने 14 साल के लड़के को बताया कि अखंड ब्रह्मचर्य का मार्ग कठिन है, इसके लिए गुरुजनों के मार्गदर्शन में गुरुकुल में रहकर तपस्या करना आवश्यक है.
छठ पर्व 2024: ‘नहाए-खाए’ के दिन घाटों पर भीड़, तो कहीं वेदी बनाने में दिखा VVIP कल्चर
बिहार के लोगों के लिए खास महत्व रखने वाले यह पर्व चार दिनों तक मनाया जाता है. छठ पर्व के पहले दिन को नहाए-खाए कहा जाता है इसके बाद खरना फिर तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और आखिरी दिन उषा अर्घ्य (सुबह का अर्घ्य) कहा जाता है.
क्या बाइबिल में ईसा मसीह की शिक्षाएँ नहीं हैं?
इस तरह बाइबिल के ही उदाहरणों से लेखक ने बार-बार पॉल के सिद्धांतों और मान्यताओं को ग़लत सिद्ध करने का प्रयास किया है। लेखक ईसाई धर्म गुरुओं को इस विषय में उससे शास्त्रार्थ करने की खुली चुनौती भी देता है।





