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Stock Market

बाजार का रुख सकारात्मक रहा. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 1,223 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 494 शेयर लाल निशान में थे.

मॉर्गन स्टेनली का एक आउटलुक भारत के बाजार में सकारात्मक दृष्टिकोण और संभावित विकास की उम्मीदों को दर्शाता है. यहां दिखाए गए आंकड़े और अनुमानों के आधार पर, भारत के बाजार में निवेशकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण अवसर हो सकते हैं.

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने अपनी रणनीति में स्पष्ट बदलाव करते हुए खरीदार का रुख अपनाया है. बाजार पर नजर रखने वालों ने शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद मजबूती बनी हुई है.

भारतीय शेयर बाजार मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उफान पर है. इससे राजनेताओं को भी फायदा हो रहा है. विपक्षी नेता राहुल गांधी को शेयर बाजार से लाखों रुपये का मुनाफा हुआ है.

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि ‘जार्ज सोरोस एंड कंपनी’ के इशारे पर हिंडनबर्ग SEBI की मुखिया पर निराधार आरोप लगाकर एक बार फिर से शॉर्ट सेलिंग के माध्यम से करोड़ों रुपये कमाने की फ़िराक़ में है. मगर, अब भारतीय शेयर मार्केट पर ज्यादा असर नहीं होगा.

World's top 5 stock markets : अमेरिका, चीन और जापान के बाद भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शेयर बाजार है. पांचवें नंबर पर हांगकांग का शेयर बाजार है, जिसका मार्केट कैप 4.92 ट्रिलियन डॉलर है.

शुक्रवार को कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,618.85 अंक या 2.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,693.36 अंक पर बंद हुआ. यह इसका नया रिकॉर्ड है. इसी तरह NSE Nifty दिन के कारोबार में 498.8 अंक या 2.18 प्रतिशत चढ़कर 23,320.20 अंक पर पहुंच गया.

मोदी सरकार बनने का असर आज शेयर बाजारों में भी देखने को मिल रहा है. आज यानी 6 जून को निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 4.4 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है.

लोकसभा चुनाव परिणाम जारी होने के एक दिन बाद बाजार में तेजी के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बाजार सूचकांक 12 लाख करोड़ बढ़कर 407 लाख करोड़ हो गया है. बुधवार का सत्र मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के लिए भी शानदार रहा.

Video: 13 March 2024 का दिन भारतीय निवेशकों के लिए काला दिन साबित हुआ है. एक ही दिन में निवेशकों के करीब 14 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. इसका कारण था SEBI प्रमुख माधबी पुरी बुच का वह बयान, जिसने भारतीय शेयर बाजार में खलबली मचा दी.