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US Israel Iran conflict

China का मेथेनॉल टैंकर अमेरिकी नाकाबंदी के बावजूद Strait of Hormuz से गुजर गया. United States की रणनीति पर सवाल उठे, जबकि चीन ने कड़ी चेतावनी देकर अपना रुख साफ किया..

US Israel Iran conflict: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान से बातचीत जारी रखने की अपील की.

Benjamin Netanyahu In Lebanon: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर दक्षिणी लेबनान का अचानक दौरा किया. उन्होंने इजरायली सैनिकों का हौसला बढ़ाया और कहा कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है. उधर, पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल हो गई है.

US Iran Peace Talks Fail: अमेरिका और ईरान के बीच घंटों की बातचीत के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला. गैर-नतीजतन वार्ता खत्म होने के बाद ईरान का प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान से रवाना हो गया है. इससे पहले अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी अपने देश लौटने के लिए इस्लामाबाद से निकल गए.

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे चली शांति वार्ता फेल हो गई है. जेडी वेंस बिना किसी समझौते के वापस लौट गए हैं. वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को चेतावनी दी है कि अगर उसने ईरान को हथियार भेजे तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे.

US Iran Peace Talk: अमेरिका और ईरान पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सीजफायर को लेकर एक टेबल पर आए हैं. दोनों पक्षों के बीच पहले दौर की बैठक करीब 2 घंटे तक चली. जिसमें दोनों पक्षों ने किसी सहमति पर पहुंचने के लिए काफी लचीला रुख दिखाया.

इस्लामाबाद में US-Iran वार्ता से पहले ईरान ने ‘Minab 168’ विमान के जरिए भावनात्मक दबाव बनाया. Donald Trump प्रशासन के लिए अब यह बातचीत और कठिन हो गई है...

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में ऐतिहासिक शांति वार्ता शुरू हो रही है. Donald Trump और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच यह बातचीत युद्ध या शांति की दिशा तय कर सकती है...

भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने Chabahar Port को भारत-ईरान व्यापार का ‘Golden Bridge’ बताया. यह पोर्ट चीन-पाकिस्तान के Gwadar Port को टक्कर देने वाला भारत का सबसे बड़ा रणनीतिक दांव माना जा रहा है...

ईरान और इजरायल के बीच 40 दिनों तक चले भीषण युद्ध के बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता में युद्धविराम हो गया है. इस युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है. तेल की कीमतें बढ़ने से रूस को फायदा हुआ है, वहीं नाटो कमजोर पड़ा है.