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Uttarkashi Cloudburst: उत्तराखंड में बादल फटने से मची ऐसी तबाही, देखते ही देखते बर्बाद हुई खूबसूरत वादी, 100 से ज्यादा लापता — PHOTOS

Uttarkashi Cloudburst: उत्तराखंड में एक और बड़ी प्राकृतिक आपदा ने कोहराम मचा दिया है. उत्‍तरकाशी में बादल फटने की वजह से खीर गंगा में अचानक तेज़ बाढ़ आ गई, जिसने धराली गांव को अपनी चपेट में ले लिया.

cloudburst in uttarkashi

Uttarkashi Cloudburst: उत्तराखंड में एक और बड़ी प्राकृतिक आपदा ने कोहराम मचा दिया है. उत्‍तरकाशी (Uttarkashi Cloudburst) में बादल फटने की वजह से खीर गंगा में अचानक तेज़ बाढ़ आ गई, जिसने धराली गांव को अपनी चपेट में ले लिया. इस प्राकृतिक आपदा में घर-मकान और होटल तबाह हो गए हैं. 100 से ज्यादा लोग लापता हैं. कइयों की जान जा चुकी है. अधिकारियों का कहना है कि 5 मौतें हुई हैं. मगर, हालात इतने भयावह हैं कि इस आपदा में बहुत-से लोगों की मौत होने की आशंका है. यहां Bharat Express आपको रहा है भयावह आपदा की वे तस्वीरें, जिन्हें देखकर आपकी रूह कांप उठेगी…

बादल फटने से खूबसूरत वादी में अथाह पानी आया, और देखते ही देखते दर्जनों घर-मकान, 20-25 होटल और होमस्टे बाढ़ में तबाह हो गए. अब चारों तरफ मलबा और पानी का ही नज़ारा (Uttarkashi Cloudburst) देखने को मिल रहा है. यहां नीचे कुछ तस्वीरें हैं, जिनमें देखिए तबाही से पहले कितना खूबसूरत था ये गांव.

धराली गांव उत्तरकाशी जिले की भटवारी तहसील में स्थित है. यह गांव हर्षिल घाटी का हिस्सा है और गंगोत्री यात्रा पर जाने वालों के लिए एक प्रमुख पड़ाव माना जाता है.

धराली समुद्र तल से करीब 9,005 फीट (2745 मीटर) की ऊंचाई पर बसा हुआ है और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए मशहूर है. यह हर्षिल से लगभग 7 किलोमीटर और जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से करीब 79 किलोमीटर दूर है. उत्तरकाशी से यहां पहुंचने में लगभग 2.5 से 3 घंटे का समय लगता है.

जनगणना के अनुसार धराली गांव में कुल 137 परिवार निवास करते हैं और यहां की कुल जनसंख्या 583 है, जिनमें 307 पुरुष और 276 महिलाएं शामिल हैं. यह गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांति और सेब के बागानों के लिए जाना जाता है. धराली को अक्सर 'ईश्वर का वरदान' या 'गॉड गिफ्टेड विलेज' कहा जाता है.

धराली गांव चारों तरफ से ऊंचे पहाड़ों और देवदार के पेड़ों से घिरा है, यहां के अधिकतर घरों के पास सेब के बागान हैं. धराली से गंगोत्री की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है जिसे सड़क मार्ग से आसानी से तय किया जा सकता है, जबकि हरिद्वार से धराली की दूरी लगभग 290 किलोमीटर है.

यह क्षेत्र उत्तराखंड के सेब बेल्ट का अहम हिस्सा माना जाता है. यहां उगने वाले सेब बेहद मीठे, रसीले और उच्च गुणवत्ता के होते हैं. इसके अलावा यहां का पारंपरिक खाना जैसे राजमा-चावल और पहाड़ी साग भी काफी प्रसिद्ध है.

धराली गांव भागीरथी नदी के किनारे बसा हुआ है और चारों तरफ बर्फ से ढके पहाड़ों की छांव में सिमटा हुआ है. यहां का साफ-सुथरा वातावरण, नीला आसमान और शांत जीवनशैली हर साल हजारों पर्यटकों को आकर्षित करती है.

धराली गांव में आई इस आपदा ने एक शांत, सुंदर और पर्यटन स्थल को एकदम से संकट में डाल दिया है. स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं राहत और बचाव कार्य जारी है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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