BJP MLA Ravi Negi Yamuna: दिल्ली में छठ पूजा से पहले यमुना की सफाई को लेकर जहां सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं, वहीं शनिवार को एक हैरान करने वाली घटना सामने आई.
बीजेपी विधायक रवि नेगी यमुना नदी की सफाई अभियान पर एक रील शूट कर रहे थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया और वे सीधे नदी में जा गिरे. हालांकि, राहत की बात ये रही कि जहां वे गिरे उस तरफ पानी ज्यादा गहरा नहीं था और उनकी टीम ने तुरंत उन्हें बाहर निकाल लिया, उनहें कोई चोट नहीं आई.
छठ से पहले यमुना के पानी में सुधार का दावा
इस घटना से ठीक पहले दिल्ली सरकार ने दावा किया था कि इस साल यमुना के पानी की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है. जल मंत्री परवेश वर्मा ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले नदी में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया (मल संबंधी जीवाणु) की मात्रा में बड़ी गिरावट आई है.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, आईएसबीटी क्षेत्र में बैक्टीरिया की मात्रा 2024 में 28,000 यूनिट थी, जो इस बार घटकर 8,000 रह गई है. वहीं, ओखला में ये आंकड़ा 18 लाख से गिरकर 2,700 और आगरा नहर पर 22 लाख से घटकर 1,600 यूनिट तक पहुंच गया है.
परवेश वर्मा ने कहा कि सरकार ने प्रमुख नालों से करीब 20 लाख मीट्रिक टन गंदगी हटाई, जिससे जल बेहतर हुआ और प्रदूषण के स्तर में कमी आई.
Delhi: A battle has erupted between BJP and Aam Aadmi Party over the cleanliness of the Yamuna river. BJP MLA Ravi Negi fell into the Yamuna water. He had come to the Yamuna bank to respond to AAP leader Saurabh Bhardwaj’s challenge to drink Yamuna water. But Yamuna Maiya called… pic.twitter.com/8sTqpAd3jw
— Rohitash Mahur ( Lodhi ) (@MahurRohitash) October 26, 2025
विपक्ष पर हमलावर हुए परवेश वर्मा
वर्मा ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधते हुए कहा कि आप सरकार ने यमुना प्रदूषण को लेकर जनता को गुमराह किया और अपने कार्यकाल में कभी दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में मौजूदा सरकार ने यमुना को साफ करने और छठ पर्व की तैयारियों के लिए “ठोस कदम” उठाए हैं.
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AAP का पलटवार– “पानी अभी भी नहाने लायक नहीं”
वहीं दूसरी तरफ, AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने DPCC की 23 अक्टूबर की रिपोर्ट साझा की और कहा कि यमुना का पानी अभी भी नहाने लायक नहीं है. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार ने एक हफ्ते के लिए ईस्टर्न यमुना कैनाल से पानी का प्रवाह रोक दिया था, जिससे प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ सकता है.
इसके जवाब में परवेश वर्मा ने कहा कि भारद्वाज “आधे-अधूरे आंकड़े” पेश कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि AAP के शासनकाल में असगरपुर जैसे इलाकों में फीकल कोलीफॉर्म का स्तर 80 लाख यूनिट तक पहुंच गया था, जबकि इस साल ये घटकर सिर्फ 8,000 यूनिट रह गया है. वर्मा ने इसे मौजूदा सरकार की “कड़ी मेहनत और ईमानदार कोशिशों का परिणाम” बताया.
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– भारत एक्सप्रेस
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