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आज के समय में मोबाइल मूलभूत जरूरतों में से एक बन चुका है. बड़ों से लेकर बच्चों तक के हाथों में हर वक्त मोबाइल नजर आता है.बच्चे अक्सर गेम खेलने, पढ़ाई करने या रील्स देखने और सोशल मीडिया के लिए आपका फोन इस्तेमाल करते है.
ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि कही आपका बच्चा पोर्न एडिक्ट तो नहीं हो रहा है. पोर्न साइट को सर्च कर या फिर आपकी गूगल सर्च से नहीं बल्कि सोशल मीडिया साइट्स पर दिखने वाली तमाम पोर्नोग्राफिक ऐप्स के विज्ञापन के कारण. यह विज्ञापन न केवल जबरन पोर्न एडिक्ट बनाते है बल्कि इन लिंक से ऐप डाउनलॉड होने के बाद आपके फोन का कंट्रोल भी हैकर्स के हाथों चला जाता है.
इसी गंभीर खतरे को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय की साइबर विंग (I4C) ने एक एडवाइजरी जारी की है.
पोर्न ऐप के एड से बड़ा खेल
साइबर एजेंसियों के अनुसार, ठग फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ‘Night Play’, ‘Reloop’, ‘Kyss’, ‘Vimo’, ‘Rivo’, ‘Nexo’ और ‘Vixa’ जैसे नामों से एडल्ट कंटेंट वाले विज्ञापनों का जाल बिछा रहे हैं. विज्ञापन पर क्लिक करते ही यूजर बाहरी .live वेबसाइट्स पर रीडायरेक्ट हो जाता है, जहां से फर्जी APK फाइल डाउनलोड कराई जाती है.
इन ऐप्स के इंस्टॉल होते ही ‘अपडेट’ का झांसा देकर एक और खतरनाक सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाया जाता है जिसके बाद हर अन्य ऐप का ही तरह यह भी Accessibility Permission मांगता है. जिसकी अनुमति देते ही हैकर्स को आपके फोन का पूरा कंट्रोल मिल जाता है.
वहीं, कई ऐप्स फोन में अपना VPN भी बैठा देते हैं, जिससे आपका इंटरनेट डेटा हैकर्स के सर्वर के जरिए रूट होने लगता है और कब आपके पैसे उड़ जाते हैं पता भी नहीं चलता.
कैसे हटाएं फर्जी ऐप?
बता दें कि कभी-कभार ऐसे ऐप्लिकेशन सेटिंग्स में जाकर आसानी से डिलीट भी नहीं होता. ऐसे में इसे हटाने के दो सुरक्षित तरीके हैं:
पहला तरीका:
पावर बटन दबाकर रखें और ‘Power Off’ ऑप्शन को लॉन्ग प्रेस करें. स्क्रीन पर ‘Safe Mode’ आने पर क्लिक करें. फोन रीस्टार्ट होने के बाद ‘Settings > Apps’ में जाकर संदिग्ध ऐप को अनइन्स्टॉल कर दें.
दूसरा तरीका:
सेटिंग्स के ‘Accessibility’ सेक्शन में जाकर संदिग्ध ऐप को बंद (Off) करें. इसके बाद ‘Security > Device Admin Apps’ में जाकर ऐप के एडमिन अधिकार खत्म कर उसे डिलीट करें.
इन फर्जी ऐप्स से कैसे करें अपने फोन का बचाव?
इनसे बचे रहने का सबसे आसान और पहला तरीका यही है कि कभी भी सोशल मीडिया या किसी अन्य वेबसाइट पर दिए गए अंजान लिंक पर क्लिक कर किसी भी ऐप को डाउनलोड न करें. किसी भी ऐप्लीकेशन को डाउनलॉड करने के लिए Google Play Store (Android), Apple Store (iPhone) या फिर Microsoft Store (Windows) यानी की आधिकारिक ऐप स्टोर का ही इस्तेमाल करें.
इसके अलावा किसी भी अनजान ऐप को ‘Accessibility’ परमिशन बिल्कुल न दें. वहीं, अगर आपके साथ कोई ठगी हो जाती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं.
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-भारत एक्सप्रेस
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