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RBI New Rule: आजकल डिजिटल पेमेंट के इस दौर में ऑनलाइन फ्रॉड की खबरें आम हो चुकी हैं. ऐसे माहौल में आम जनता के पैसों को सुरक्षित रखने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) एक बेहद कड़ा और नया नियम लेकर आया है. इस नियम के तहत बैंक आपको उड़े हुए पैसों को आपके खातें में डाल देगी. जानें आखिर क्या है ये नियम और पैसे वापस पाने के लिए पीड़ित को क्या करना होगा.
10 लाख के फ्रॉड पर भी ₹25,000 की गारंटी
RBI का यह नया निर्देश डिजिटल पेमेंट करने वाले हर भारतीय को बड़ी राहत देने वाला है. नियम के मुताबिक, यह स्कीम ₹50,000 तक के ऑनलाइन फ्रॉड के दायरे को कवर करती है, जिसमें आपके नुकसान का 85% या अधिकतम ₹25,000 तक वापस मिल सकते हैं. यानी की अगर आपके खाते से किसी ने धोखे से ₹20,000 उड़ाए हैं, तो आपको ₹17,000 रिफंड मिलेंगे.
वहीं, अगर आपके साथ ₹50,000 या उससे ऊपर, यहां तक कि 10 लाख रुपये का भी फ्रॉड हो जाता है, तो आपको अधिकतम ₹25,000 की ही धनराशी बैंक से वापस मिलेगी. हालांकि, कोई भी खाताधारक अपनी पूरी जिंदगी में सिर्फ एक ही बार इस स्कीम का फायदा ले सकता है.
5 दिन की डेडलाइन और ये बात जाननी है जरुरी
जानकारी के अनुसार, यह नया नियम 1 जनवरी 2027 से पूरी तरह लागू होने जा रहा है. राहत जितनी बड़ी है, सावधानी भी उतनी ही जरूरी है. जैसे ही आपके साथ कोई यूपीआई (UPI) या नेट बैंकिंग स्कैम हो, तो आपको अगले 5 दिनों के भीतर दो जगह तुरंत शिकायत दर्ज करानी होगी. पहली शिकायत अपने बैंक में और दूसरी नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पर. अगर आपने इन 5 दिनों की डेडलाइन को मिस कर दिया, तो फिर आपको एक भी रुपया नहीं मिलेगा.
बैंकों की मनमानी और अंदरूनी खेल पर लगेगा ताला
पहले अक्सर बैंक यह कहकर पल्ला झाड़ लेते थे कि गलती ग्राहक की है. लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा. अगर फ्रॉड बैंक की किसी तकनीकी खराबी या बैंक कर्मचारियों की लापरवाही से हुआ है, तो ग्राहक को उसका पूरा पैसा वापस मिलेगा. अब यह साबित करने का जिम्मा भी बैंक का होगा कि गलती ग्राहक की तरफ से हुई थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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