Avimukteshwaranand Controversy: हाल ही में प्रयागराज में मौनी अमावस्या को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच हुआ टकराव बढ़ता जा रहा है. एक तरफ अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी के हिंदू होने पर सवाल उठाये हैं. तो वहीं दूसरी तरफ योगी आदित्यनाथ ने अप्रत्यक्ष रूप से अविमुक्तेश्वरानंद को कालनेमी बताया.
अब इस मामले को लेकर स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद के शंकराचार्य होने पर ही सवाल उठा दिया. पढ़िये भारत एक्सप्रेस से खास बातचीत में उन्होंने क्या कहा?
सवाल- आप इस पूरे मुद्दे को किस तरह देख रहे हैं?
जवाब- किसी भी महापुरुष को अनावश्यक वाद-विवाद से बचना चाहिये. प्रशासन इसलिए रहता है कि कहीं अव्यवस्था ना फैले. अगर प्रशासन नहीं रहेगा तो कोई भी व्यवस्था अव्यवस्था में बदल जाएगी.
अविमुक्तेश्वरानंद को लोग शंकराचार्य कहते हैं. उनका अभिषेक श्रृंगेरी मठ पर हुआ था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उस मठ पर कोई शंकराचार्य नहीं है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी को बड़ा मन दिखाते हुए क्षमा करना चाहिये था.
सवाल- अविमुक्तेश्वरानंद के पालकी विवाद को लेकर क्या कहेंगे?
जवाब- प्रशासन तय करेगा कि किसी की गाड़ी कहां तक जाएगी. स्वामी जी तय नहीं करेंगे. प्रशासन किसी व्यवस्था को पूरा करने के लिए एक नियम बनाता है, जिसमें हर कोई आता है. अगर कोई व्यक्ति अपने मन से नियम बनाता है तो उनके मन से सरकार और प्रशासन नहीं चलती.
सवाल- प्रशासन ने शंकराचार्य होने पर सवाल उठाया है. इसपर आप क्या कहेंगे.?
जवाब- सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वो शंकराचार्य नहीं हैं तो प्रशासन क्या कहेगा? प्रशासन तो वहीं कहेगा जो सुप्रीम कोर्ट कहेगा.
सवाल- सीएम योगी को लेकर दिए गए बयान पर आप क्या कहते हैं?
जवाब- इनका बोलना सब फालतू है. योगी जी ने अच्छा काम किया है. अच्छे समाज की स्थापना करने का सीएम योगी प्रयास कर रहे हैं.
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सवाल- आपको कैसी लगी व्यवस्थाएं? क्या प्रशासन को माफी मांगनी चाहिये?
जवाब- हमारी व्यवस्था सुपर से ऊपर रही. प्रशासन अगर गलती नहीं किया है तो क्यों माफी मांगेगा. चाहे लिखित हो या अलिखित.
-भारत एक्सप्रेस
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