Sunetra Pawar Deputy CM: महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत के चौथे दिन सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहला डिप्टी सीएम बन गईं हैं. उन्हें महाराष्ट्र के लोकभवन में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने शपथ दिलाई. यह शपथग्रहण समारोह लगभग 12 मिनट तक चला. महाराष्ट्र विधान परिषद की डिप्टी चेयरपर्सन डॉ नीलम गोर्हे शपथ ग्रहण समारोह तक सुनेत्रा पवार को ले गईं.
शपथग्रहण समारोह से एक दिन पहले NCP के विधायक दल और विधान परिषद के सदस्यों की विधान भवन में बैठक हुई थी. जिसमें सुनेत्रा पवार को पार्टी का नेता चुना गया था. डिप्टी सीएम बनने से पहले सुनेत्रा राज्यसभा सांसद थीं. उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.
बता दें कि 28 जनवरी को महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की बारामती में प्लेन हादसे में मौत हो गई थी.
#WATCH | Mumbai | Sunetra Pawar, leader of the NCP legislative party and wife of late Deputy Chief Minister Ajit Pawar, reaches Lok Bhavan for her swearing-in ceremony as the Deputy Chief Minister of Maharashtra. pic.twitter.com/HNKSDLSwpJ
— ANI (@ANI) January 31, 2026
4 रैलियों को संबोधित करने जा रहे थे अजित
दादा अजित पवार 5 फरवरी को पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनावों के प्रचार के लिए जा रहे थे. उन्हें 4 रैलियों को संबोधित करना था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. उनके आकस्मिक निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में 3 दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया. जिस दौरान राष्ट्रीय ध्वज झुका रहेगा और कोई भी सरकारी मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा.
शरद पवार को भी न्योता
सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार ने शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए शरद पवार को न्योता दिया था. वो बारामती में शरद पवार के घर पहुंचे और उन्हें समारोह में शामिल होने के लिए मनाया. इस दौरान उन्होंने सुप्रिया सुले से भी बातचीत की.
क्या होगा NCP का विलय?
अजित पवार कुछ दिनों के अंदर NCP का विलय करने वाले थे. उन्होंने इसके लिए एक रोडमैप तैयार किया था. उनके करीबी किरण गुजर ने एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए बताया था कि 5 दिन पहले यह प्रक्रिया पूरी हो गई थी. कुछ दिनों में विलय होने वाला था, लेकिन अचानक से ये दुर्घटना हो गई.
वहीं एनसीपी के एक वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने भी इसपर मुहर लगाई. उन्होंने कहा कि NCP के विलय को लेकर अजित दादा और उनके बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी थी. वो इसे लेकर सकारात्मक दिख रहे थे. जिला परिषद चुनाव के बाद इसपर फाइनल फैसला लेना था.
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बता दें कि, महाराष्ट्र सरकार में अजित पवार के पास आबकारी, वित्त और खेल विभाग के अलावा डिप्टी सीएम का भी पद था.
-भारत एक्सप्रेस
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