महाकुंभ नगर: उत्तर प्रदेश पुलिस सोशल मीडिया पर महाकुंभ से जुड़ी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है. सीएम योगी के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने सोशल मीडिया पर ऐसे अकाउंट को चिन्हित कर कार्रवाई प्रारंभ की है.
इसी क्रम में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान सात ऐसे अकाउंट चिन्हित किए गए, जो गाजीपुर में नदी किनारे मिले शवों के पुराने वीडियो को महाकुंभ में भगदड़ से जोड़कर भ्रामक प्रचार कर रहे थे. इन अकाउंट्स पर प्रदेश सरकार और पुलिस की छवि धूमिल करने तथा समाज में विद्वेष फैलाने का आरोप है. प्रयागराज के कोतवाली कुम्भ मेला थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और विधिक कार्रवाई की जा रही है.
भ्रामक वीडियो के जरिए अफवाह फैलाने की साजिश
सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो, जिसमें गाजीपुर में वर्ष 2021 में नदी किनारे मिले शव दिखाए गए थे, उसे महाकुंभ प्रयागराज से जोड़कर फैलाया गया. उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस फर्जी वीडियो का पर्दाफाश करते हुए स्पष्ट किया कि यह महाकुंभ प्रयागराज से संबंधित नहीं है, बल्कि गाजीपुर की पुरानी घटना का वीडियो है. कुम्भ मेला पुलिस के आधिकारिक अकाउंट से इसका खंडन भी जारी किया गया है.
सात सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ मामला दर्ज
अफवाह फैलाने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करने के आरोप में इन सात सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि महाकुंभ से जुड़ी किसी भी भ्रामक सूचना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध पोस्ट की सूचना देने की अपील की है.
-भारत एक्सप्रेस
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