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आगरा के बाद अमरोहा में मुस्लिम समाज ने उठाई गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग, मौलाना बोले- ‘जानवर नहीं, बल्कि देश की संस्कृति’

उत्तर प्रदेश के अमरोहा में बकरीद की नमाज के बाद ईदगाह के मौलाना ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की बड़ी मांग उठाई है. उन्होंने अपनी तकरीर में कहा कि गाय करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है, इसलिए गो-हत्या, गो-मांस की बिक्री और तस्करी करने वालों को सीधे फांसी की सजा दी जानी चाहिए.

UP Maulana Demands Cow to be Declared National Animal, Asks for Death Penalty for Slaughter

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उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से ईद-उल-अजहा यानी बकरीद के मौके पर एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. आम तौर पर त्योहारों के मौके पर मस्जिदों और ईदगाहों से अमन-चैन और भाईचारे की दुआएं मांगी जाती हैं, लेकिन इस बार अमरोहा की एक ईदगाह से देश की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने वाला एक बेहद कड़ा और बड़ा संदेश दिया गया है. यहां के एक स्थानीय मौलाना ने नमाज के बाद सार्वजनिक मंच से केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि गाय को तुरंत ‘राष्ट्रीय पशु’ का दर्जा दिया जाए. इतना ही नहीं, उन्होंने गो-हत्या करने वालों के लिए सीधे फांसी की सजा की वकालत भी कर दी है.

सिर्फ जानवर नहीं, बल्कि देश की संस्कृति: मौलाना

ये पूरा मामला अमरोहा जनपद के मंडी धनौरा थाना इलाके में आने वाले गांव चुचेला कलां का है. गुरुवार को चुचेला कलां स्थित मुख्य ईदगाह में मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोग बकरीद की नमाज अदा करने के लिए इकट्ठा हुए थे. नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद जब मौलाना ने मंच से अपनी भाषण शुरू की जिसमें बेहद संजीदगी के साथ कहा कि गाय सिर्फ एक जानवर नहीं है, बल्कि वो इस देश की संस्कृति और करोड़ों हिंदू भाई-बहनों की अटूट आस्था और भावनाओं का सबसे बड़ा केंद्र है.

उन्होंने कहा, ‘सरकारों की तरफ से गाय की कुर्बानी पर सिर्फ पाबंदी लगा देना ही काफी नहीं है. देश की संस्कृति का सम्मान करते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर गाय को भारत का ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करे.’ मौलाना ने साफ कहा कि जब तक गाय को ये कानूनी और संवैधानिक दर्जा नहीं मिलेगा, तब तक इसकी पूरी तरह सुरक्षा संभव नहीं है.

‘तस्करी और गो-मांस खाने वालों को मिले फांसी’

तकरीर के दौरान मौलाना का रुख गो-तस्करी और गो-हत्या करने वालों के खिलाफ बेहद सख्त नजर आया. उन्होंने खुले मंच से मांग उठाई कि गाय की हत्या करने वालों, चोरी-छिपे गो-मांस का धंधा या सेवन करने वालों, इसकी अवैध तस्करी में शामिल लोगों और गायों को देश से बाहर एक्सपोर्ट करने वाले गिरोहों के खिलाफ बेहद कड़ा कानून बनना चाहिए. मौलाना ने दोटूक शब्दों में कहा कि ऐसे समाज विरोधी तत्वों को अदालत के जरिए सीधे फांसी की सजा दी जानी चाहिए ताकि दूसरों के मन में डर पैदा हो.

मौलाना ने ईदगाह के मैदान में मौजूद सभी नमाजियों से अपील की कि वे इस मुहिम में उनका पूरा साथ दें. उन्होंने वहां उपस्थित युवाओं से कहा कि वे इस पूरी तकरीर का वीडियो बनाएं, उसे सोशल मीडिया पर जमकर वायरल करें और इस संदेश को सरकार और देश के कोने-कोने तक पहुंचाएं.

यूपी में मुस्लिम समाज की तरफ लगातार मांग

बता दें कि उत्तर प्रदेश में गो-रक्षा और गाय को सम्मान दिलाने की ये मांग अब सिर्फ हिंदू संगठनों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि मुस्लिम समाज के भीतर से भी इसके लिए बड़े स्तर पर आवाजें उठने लगी हैं. अमरोहा से पहले ताजनगरी आगरा में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला था. वहां ईद की नमाज के बाद ऐतिहासिक ताजमहल परिसर में स्थित शाही मस्जिद के पास मुस्लिम महापंचायत ने बाकायदा प्रदर्शन किया था. महापंचायत के नेताओं ने भी एक सुर में कहा था कि गाय हिंदुस्तान की तहजीब का हिस्सा है और उसकी रक्षा करना हर भारतवासी का फर्ज है.

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-भारत एक्सप्रेस



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