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Ayodhya Leopard Fear: अयोध्या के इस इलाके में तेंदुए ने दहशत फैलाई, पिंजरे का चारा छोड़ बछड़े को बनाया शिकार

LEOPARD PANIC IN AYODHYA CANTT: अयोध्या से सटे कैंट (छावनी) इलाके में पिछले कई दिनों से तेंदुए की आवाजाही से स्थानीय नागरिकों में दहशत का माहौल है. बाउंड्री वॉल पर बैठे तेंदुए का वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए पिंजरा और ट्रैप कैमरे लगाए हैं, हालांकि तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है.

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Ayodhya Leopard Sighting: अयोध्या शहर से लगे छावनी (कैंट) क्षेत्र में पिछले कई दिनों से एक तेंदुए की लगातार आवाजाही ने स्थानीय निवासियों, पुलिसकर्मियों और सैन्य परिवारों में भारी खौफ पैदा कर दिया है. सोशल मीडिया पर एक दीवार की बाउंड्री पर आराम से बैठे तेंदुए का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे स्थानीय पुलिसकर्मियों द्वारा रात्रि गश्त के दौरान बनाए जाने की बात कही जा रही है.

तेंदुए को ट्रैप करने के लिए वन विभाग ने मीरन घाट पुलिस चौकी के ठीक सामने जंगल में लोहे का एक बड़ा पिंजरा और मूवमेंट रिकॉर्ड करने के लिए नाइट-विजन कैमरे लगाए हैं. हालांकि, तेंदुआ इतना चालाक निकला कि उसने पिंजरे में बंधे चारे को छुए बिना पास में ही एक बछड़े को अपना निवाला बना लिया.

पुलिस कॉलोनी और मिलिट्री स्कूल के नजदीक चहलकदमी

छावनी क्षेत्र के पूर्व पार्षद मोहम्मद अपील के अनुसार, जिस दीवार पर तेंदुए को देखा गया है, वह ईटीआर (ETR) रेंज की बाउंड्री है. यह स्थान मीरन घाट पुलिस चौकी के ठीक सामने स्थित है, जहां बनी पुलिस आवासीय कॉलोनी में 20 से अधिक पुलिसकर्मियों के परिवार रहते हैं. इसके अलावा, कुछ ही दूरी पर बच्चों का एक सैन्य स्कूल और सेना की फायरिंग रेंज भी स्थित है, जहां नियमित रूप से डोगरा रेजिमेंट के जवानों का प्रशिक्षण चलता है. सैन्य क्षेत्र के पास तेंदुए के दिखने के बाद ब्रिगेडियर डोगरा रेजिमेंट को सूचित किया गया है और सैन्य पुलिस (CMP) की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है.

Ayodhya Leopard Sighting

सैकड़ों एकड़ जंगल, लेकिन इंसानी बस्ती में आवाजाही चुनौती

स्थानीय निवासी शादाब आलम का कहना है कि तेंदुए की आमद वाले इलाके के आसपास हाल ही में कई मवेशी मृत पाए गए हैं, जिससे बस्ती के लोग रात में घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं. ईटीआर रेंज में सैकड़ों एकड़ में फैले घने जंगल में अक्सर ग्रामीण महिलाएं सूखी लकड़ियां बीनने जाती हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ गया है. चूंकि अयोध्या में प्रतिदिन हजारों पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं और कैंट का यह मार्ग रिहायशी आवागमन से जुड़ा है, ऐसे में तेंदुए का खुलेआम घूमना किसी गंभीर हादसे को न्योता दे सकता है.

वन विभाग के ढुलमुल रवैये पर स्थानीय लोगों में नाराजगी

इलाके में तेंदुए की दहशत के बावजूद वन विभाग की सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना के बाद भी उच्चाधिकारी मौके का निरीक्षण करने में रुचि नहीं ले रहे हैं. अयोध्या के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) प्रखर गुप्ता का फोन लगातार स्विच ऑफ रहने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका. वहीं, कैमरे पर औपचारिक बयान देने से बचते हुए क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) रत्नेंद्र ने केवल इतना कहा कि तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए एक बड़ा पिंजरा और निगरानी कैमरा लगाया जा चुका है तथा वनकर्मियों की टीम लगातार गश्त कर रही है.

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  • इनपुट: मनमीत गुप्ता


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