Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

चढ़ावा चोरी केस में आया नया ट्विस्ट: आरोपी अविनाश के कमरे में मिला रहस्यमयी बक्सा, पेटीएम कोड से खुलेगा राज

अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर दान चोरी मामले की जांच में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है. सबसे ज्यादा 20 लाख रुपये कैश के साथ गिरफ्तार हुए मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के किराए के कमरे से पुलिस को एक रहस्यमयी बक्सा मिला है.

Ayodhya, Ram Mandir Theft, Uttar Pradesh

Ram Mandir Chanda Chori: अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में दान चोरी के मामले ने इस समय पूरे देश को हैरान कर रखा है. इस मामले में पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. अब ताजा मामला मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के किराए के कमरे से जुड़ा है, जहाँ से एक बेहद संदिग्ध और रहस्यमयी बक्सा मिला है. इस बक्से पर ताला लटका हुआ है, लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसके ऊपर ‘राम राज्य कोष’ का स्टीकर और एक पेटीएम का बारकोड चिपका हुआ है.

इसी कमरे से मिले थे चोरी के 20 लाख रुपये

यह संदिग्ध बक्सा कौशलपुरी इलाके में स्थित ‘श्याम साधनालय योग केंद्र’ में मिला है. यह वही जगह है जहाँ मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला अपने भाई अभिषेक शुक्ला के साथ किराए पर रहता था. आपको बता दें कि इस पूरे मामले में अब तक गिरफ्तार हुए सभी 8 आरोपियों में से सबसे ज्यादा कैश (करीब 20 लाख रुपये) इसी अविनाश शुक्ला के पास से बरामद किए गए थे.

CCTV फुटेज से खुला 5 जून का राज

मामले में सस्पेंस तब और बढ़ गया जब 5 जून का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया. इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि कुछ पुलिसकर्मी, राम मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी और प्राइवेट सुरक्षा गार्ड अविनाश शुक्ला को इसी योग केंद्र से बाहर ले जा रहे हैं. अविनाश के हाथ में एक काले रंग का बैग भी दिख रहा है, जिसमें बरामद किए गए चोरी के पैसे रखे थे. इस बैग और अब ‘राम राज्य कोष’ वाले बक्से के मिलने के बाद जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि कहीं अविनाश इस फर्जी कोष के जरिए लोगों से अवैध उगाही तो नहीं कर रहा था.

ये भी पढ़ें- राम भक्तों पर गोलियां चलाने वाले अब बने कृष्ण, हाथ में थामी संविधान की किताब; अखिलेश यादव के जन्मदिन पर मचा बवाल

बक्से को लेकर दावों में उलझी कहानी

हालांकि, इस बक्से को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं. योग केंद्र की योगाचार्य सीमा तिवारी का दावा है कि यह बक्सा पिछले 10 साल से यहीं रखा है और यह उनके गुरुजी का है, इसका अविनाश से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब पुलिस टीम यहाँ छापेमारी करने आई थी, तब यह बक्सा उनके सामने ही था, लेकिन पुलिस ने इसे अपने कब्जे में क्यों नहीं लिया?

दूसरी तरफ पड़ोसियों का कहना है कि अविनाश यहां पिछले डेढ़ साल से रह रहा था. स्थानीय लोगों ने तस्दीक की है कि 5 जून को पुलिस और ट्रस्ट के लोग यहाँ जांच के लिए आए थे और भारी मात्रा में कैश के साथ अविनाश को गिरफ्तार कर ले गए थे. बहरहाल, इस लॉक्ड बक्से और पेटीएम बारकोड ने पुलिस की जांच का दायरा बढ़ा दिया है और अब हर कोई यह जानना चाहता है कि इस ताले के पीछे का असली सच क्या है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital