Ayodhya: अयोध्या में राम मंदिर की भव्य निर्माण यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है. रामलला के मुख्य शिखर और माता अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वजारोहण के बाद अब बाकी छह उप मंदिरों पर भी शीघ्र ही शिखर ध्वजारोहण की तैयारी चल रही है. यह जानकारी राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने हाल ही में एक बैठक के बाद साझा की.
किन मंदिरों पर होगा ध्वजारोहण?
इन उप मंदिरों में भगवान सूर्य, माता भगवती, शिवलिंग, गणपति, शेषावतार और हनुमान जी के मंदिर शामिल हैं. खास बात यह है कि हनुमान जी के मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण हनुमान जयंती यानी 2 अप्रैल को किया जाएगा.
बाकी पांच उप मंदिरों पर यह प्रक्रिया मार्च के आखिरी दिनों में, 22 से 31 तारीख के बीच आठ दिन में पूरी की जाएगी. ट्रस्ट ने कहा है कि इन आयोजनों में भीड़ नहीं जुटाई जाएगी और केवल सीमित लोगों की मौजूदगी में ही कार्यक्रम संपन्न होंगे. हर ध्वजारोहण समारोह में करीब 50 संत, 50 गृहस्थ और लगभग 100 इंजीनियर व श्रमिक शामिल रहेंगे.
पहले हुआ ध्वजारोहण
मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण पहले 25 नवंबर 2025 को तय था, लेकिन इसे बाद में हिंदी नववर्ष पर आयोजित किया गया. वहीं, माता अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वजारोहण 31 दिसंबर 2025 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया था. श्रद्धालुओं से ट्रस्ट ने कुछ जरूरी निर्देश भी दिए हैं. कहा गया है कि धूप से बचाव के लिए सफेद गमछा जरूर लाएं और साथ में हल्का भोजन जैसे सत्तू रखें. इसके अलावा, आलू से बनी चीज़ों और खासकर समोसे से परहेज करने की सलाह दी गई है.
ट्रस्ट का मानना है कि इन सावधानियों से भव्य आयोजन सहज और सुरक्षित तरीके से संपन्न होगा. अयोध्या में भक्त इस समय भगवान राम के भव्य मंदिर के अंतिम चरणों की तैयारियों को लेकर खासा उत्साहित हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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