इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व कैबिनेट मंत्री और पूर्व सांसद मोहम्मद आजम खान और मोहम्मद इस्लाम उर्फ इस्लाम ठेकेदार व अन्य आरोपियों की 2016 के चर्चित यतीमखाना मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए 28 जुलाई की तारीख लगाई है. यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन ने दिया है.
सुनवाई के दौरान याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफएनक़वी व एनआई जाफरी, अधिवक्ता शाश्वत आनंद और शशांक तिवारी तथा राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल व एजीए जेके उपाध्याय उपस्थित थे.
डकैती और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोप
आजम खान और मोहम्मद इस्लाम उर्फ इस्लाम ठेकेदार की याचिकाओं में मांग की गई है कि मुख्य गवाहों, विशेष रूप से सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ज़फर अहमद फारूकी की दोबारा गवाही कराई जाए और महत्वपूर्ण वीडियो फुटेज को रिकॉर्ड में लाया जाए, जो उनकी घटनास्थल पर अनुपस्थिति साबित कर सकती है. यतीमखाना प्रकरण को लेकर आजम खान व अन्य के खिलाफ रामपुर कोतवाली 12 एफआईआर दर्ज हुई थीं.
इनमें आजम खान और अन्य पर डकैती, गृह में अनधिकृत प्रवेश और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोप हैं. याचिकाओं में कहा गया है कि मुकदमा राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है.
भारत एक्सप्रेस
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