उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर पार्टी ने शुरुआती रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है. इसी सिलसिले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के आवास पर एक अहम बैठक हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश के पार्टी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अनुराधा मिश्रा ‘मोना’ और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सीटों की पहचान, सपा के साथ बातचीत और चुनावी संभावनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई.
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी से 125 से 140 सीटों की मांग करने पर विचार कर रही है. पार्टी अगले दो दिनों में उन निर्वाचन क्षेत्रों की सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी, जिन पर वह गठबंधन के तहत चुनाव लड़ना चाहती है. यह सूची अगले 3-4 दिनों के भीतर सपा नेतृत्व को सौंपी जा सकती है. हालांकि, सीटों की मांग और अंतिम बंटवारे पर फैसला दोनों दलों के बीच होने वाली बातचीत के बाद ही स्पष्ट होगा.
जीत की संभावना और जातीय समीकरणों पर जोर
कांग्रेस की संभावित सीटों की सूची तैयार करने में कई अहम पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है. इनमें उम्मीदवारों की जीतने की संभावना, जातीय समीकरण, पार्टी का पारंपरिक वोट बैंक और वे विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं, जहां कांग्रेस का पहले मजबूत जनाधार रहा है. पार्टी की कोशिश है कि सीटों की मांग केवल संख्या के आधार पर न हो, बल्कि उन क्षेत्रों को प्राथमिकता मिले जहां कांग्रेस चुनावी मुकाबले में प्रभावी भूमिका निभा सकती है.
इसके अलावा, कांग्रेस उन सीटों पर भी नजर रख रही है जहां पार्टी के पास मजबूत स्थानीय नेतृत्व या संभावित उम्मीदवार मौजूद हैं. माना जा रहा है कि सीटों के चयन में संगठन की मौजूदा स्थिति और पिछले चुनावों के प्रदर्शन को भी महत्व दिया जाएगा.
सीटों की संख्या पर लचीला रुख अपना सकती है कांग्रेस
समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे की बातचीत में कांग्रेस लचीला रुख अपनाने के संकेत दे रही है. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी बेहतर चुनावी परिणाम सुनिश्चित करने के लिए कुछ सीटों की अदला-बदली और सीटों की कुल संख्या में मामूली बदलाव पर भी विचार कर सकती है. यानी कांग्रेस की रणनीति अपनी मांगों को सामने रखने के साथ-साथ गठबंधन के भीतर सहमति बनाने की भी है.
हालांकि, 125 से 140 सीटों की मांग को लेकर अंतिम निर्णय और सपा की प्रतिक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है. ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच होने वाली बातचीत गठबंधन के चुनावी स्वरूप को तय करने में अहम होगी.
गठबंधन की मजबूती पर टिकी नजरें
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राजनीतिक राज्य में कांग्रेस के लिए समाजवादी पार्टी के साथ सीटों का तालमेल बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कांग्रेस की कोशिश है कि गठबंधन में उसे ऐसी सीटें मिलें, जहां उसके उम्मीदवारों की जीत की संभावना अधिक हो और पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत कर सके.
प्रियंका गांधी के आवास पर हुई बैठक से यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस सीट बंटवारे के मुद्दे पर बातचीत को आगे बढ़ाने की तैयारी में है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस अपनी संभावित सीटों की सूची कब सपा को सौंपती है और दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या तथा निर्वाचन क्षेत्रों को लेकर किस तरह सहमति बनती है.
फिलहाल, कांग्रेस की रणनीति अपनी चुनावी दावेदारी को मजबूत करने और गठबंधन के भीतर बेहतर हिस्सेदारी हासिल करने पर केंद्रित दिखाई दे रही है. सीट बंटवारे पर अंतिम तस्वीर औपचारिक बातचीत और दोनों दलों के फैसलों के बाद ही साफ होगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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