उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री दानिश आजाद ने पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर हुई सीसीएस बैठक, मदरसों के भोजन की गुणवत्ता और पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया दी.
दानिश आजाद ने कहा,
“खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध पर भारत बहुत बारीकी से नजर रख रहा है. पश्चिम एशिया में तनाव से भारत की जनता को कोई तकलीफ न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार प्रयास कर रहे हैं. इसी कड़ी में अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की.”
पसमांदा बच्चों को अच्छी शिक्षा और पोषण का अधिकार
पसमांदा मंच द्वारा उत्तर प्रदेश के मदरसों के भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत किए जाने पर राज्य मंत्री ने कहा, योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनते ही यह सुनिश्चित किया गया कि मदरसों में शिक्षा के नाम पर खानापूर्ति नहीं चलेगी. मदरसों में पढ़ने वाला बच्चा गरीब पसमांदा समाज का है. ऐसे में मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों का अधिकार है कि अच्छी शिक्षा और अच्छा भोजन मिले. इसको लेकर ग्राउंड लेवल पर काम किया और कार्रवाई भी की. मुख्यमंत्री ने पसमांदा समाज की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के लिए निर्देश दिया.
पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर हो रहे विरोध को लेकर दानिश आजाद ने कहा,
“पश्चिम बंगाल की जनता ने इस बार सत्ता परिवर्तन करने का फैसला कर लिया है. इस बात को ममता बनर्जी की सरकार जान चुकी है. निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव न हो पाए, इसलिए टीएमसी कार्यकर्ता विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. 4 मई को पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी.”
अखिलेश यादव ने नकली नोटों के विवाद में भाजपाई शामिल होने का आरोप लगाया है. इसपर राज्य मंत्री ने कहा,
“समाजवादी पार्टी का असली चेहरा सबके सामने आ चुका है. अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए ऐसी बातें करके जनता को भटकना चाहते हैं. 2012 से लेकर 2017 तक सपा ने प्रदेश को अपराधियों और माफिया के हाथों गिरवी रख दिया था.”
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-भारत एक्सप्रेस
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