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हस्तिनापुर की सियासत में द्रौपदी के श्राप की एंट्री! BJP विधायक दिनेश खटीक का बड़ा ऐलान- तीसरी बार नहीं बनूंगा उम्मीदवार

Dinesh Khatik Hastinapur: यूपी सरकार में राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने कहा कि वो अब इस श्रापित हस्तिनापुर सीट से तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने यह बयान कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम की मौजूदगी में दिया.

Dinesh Khatik Hastinapur

Dinesh Khatik Hastinapur:मिनिश दिनेश/ मेरठ: मेरठ की हस्तिनापुर सीट से बीजेपी विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री दिनेश खटीक को द्रौपदी का श्राप डरा रहा है. उन्होंने हस्तिनापुर को श्रापित भूमि बताते हुए चुनाव नहीं लड़ने की बात कही. दिनेश खटीक ने यह बयान कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम की मौजूदगी में दिया. उन्होंने कहा कि हस्तिनापुर पर द्रौपदी का श्राप है.

हस्तिनापुर को बताया श्रापित सीट

दिनेश खटीक मेरठ के एमएस हेरिटेज विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे. जहां उन्होंने कहा कि वो अब इस श्रापित हस्तिनापुर सीट से तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ेंगे.

उन्होंने कहा कि एक बात मेरे मन में पता नहीं क्यों बार-बार आती है कि एक बार विधायक बनने के बाद हस्तिनापुर से कोई दोबारा विधायक नहीं बन पाया है. मुझसे लोग पूछ लेते हैं कि क्या आप दोबारा यहां से जीत दर्ज करेंगे? कुदरती बात है कि मैं दो बार विधायक बना और मंत्री भी बना, लेकिन अब मैं इस श्रापित भूमि से तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ूंगा.

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योगी और मोदी की वजह से नैया पार

दिनेश खटीक ने कहा कि सीएम योगी और पीएम मोदी के प्रभाव के चलते वो हस्तिनापुर के उस पुराने मिथक को तोड़ने में सफल रहे. जब यहां कोई दोबारा नहीं जीत दर्ज कर पाया तो मेरी क्या औकात थी? लेकिन पीएम मोदी और सीएम योगी जैसे व्यक्तित्व की वजह से मेरी नैया पार लग गई.

हस्तिनापुर का वो मिथक क्या है?

मेरठ की हस्तिनापुर सीट हमेशा से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय रही है. कहा जाता है कि जो एक बार इस सीट से विधायक बन गया. वो दोबारा इस सीट पर कभी जीत नहीं दर्ज कर सका है. दिनेश खटीक इस इत्तेफाक को पौराणिक आधार देते हुए महाभारत काल से जोड़ दिया. उन्होंने इसकी वजह द्रौपदी के द्वारा हस्तिनापुर को दिया गया श्राप बताया. जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके इस बयान पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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