हर साल 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जाता है. इस अवसर पर दुनियाभर में पर्यावरण संरक्षण और धरती को स्वच्छ व हरा-भरा बनाने की अपील की जाती है. उत्तर प्रदेश के सरोजनी नगर से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भी इस अवसर पर गहरी चिंता व्यक्त की और युवाओं से प्रकृति के प्रति जागरूक होने का आग्रह किया.
युवा पीढ़ी के सामने बड़ी चुनौती पर्यावरण संरक्षण
डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जैव विविधता के संकट हमें स्पष्ट चेतावनी दे रहे हैं. यदि अब भी हम नहीं चेते तो भविष्य अत्यंत कठिन होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल एक आंदोलन नहीं बल्कि जीवनशैली बनाना होगा.
आज ‘पर्यावरण संरक्षण’ की आवश्यकता युवा पीढ़ी के सामने सबसे बड़ी चुनौती के रूप में खड़ी है।
जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जैव विविधता का संकट ये सभी हमें स्पष्ट चेतावनी दे रहे हैं कि यदि अभी भी नहीं जागे तो भविष्य अत्यंत कठिन होगा।
इन समस्याओं का दीर्घकालिक समाधान… pic.twitter.com/bofLQyTURz
— Rajeshwar Singh (@RajeshwarS73) April 22, 2025
छात्र जीवन से ही प्रकृति के प्रति संवेदना जरूरी
डॉ. सिंह का मानना है कि पर्यावरण के प्रति समझ और संवेदनशीलता बचपन से ही विकसित की जानी चाहिए. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के तहत लगभग 55 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिनमें से 27.40 लाख हाईस्कूल के छात्र हैं. इन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री से पर्यावरण शिक्षा को अनिवार्य करने की मांग
डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर आग्रह किया कि माध्यमिक शिक्षा स्तर पर ‘पर्यावरण संरक्षण’ को एक अनिवार्य विषय बनाया जाए. उनका मानना है कि जब बच्चे प्रकृति को केवल उपभोग की वस्तु नहीं, बल्कि पूज्य मातृभूमि के रूप में देखेंगे, तभी सच्चा संरक्षण संभव होगा.
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