प्रवर्तन निदेशालय (ED) के चंडीगढ़ आंचलिक कार्यालय ने पीएमएलए, 2002 के तहत उत्तर प्रदेश के नोएडा और लखनऊ में स्थित तीन संदिग्ध शेल कंपनियों- मेसर्स किंडेंट बिजनेस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स रैनेट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स मूल बिजनेस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड- के परिसरों में 4 जुलाई 2025 को व्यापक तलाशी अभियान चलाया.
संदिग्ध लेनदेन का खुलासा
इस तलाशी के दौरान मिले अहम दस्तावेज़ी साक्ष्यों और विभिन्न बैंकों से प्राप्त पुष्टियों के आधार पर, ईडी ने इन कंपनियों से जुड़े 135 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है. इसके तहत कुल 204 करोड़ रुपये की अपराध आय (Proceeds of Crime) को सीज किया गया है.
ईडी की जांच में सामने आया कि इन कंपनियों के जरिए बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेनदेन किए गए, जिससे काले धन को वैध बनाने की कोशिश की गई. जांच एजेंसी ने अब तक इस केस में कुल 391 करोड़ रुपये की पीओसी फ्रीज कर दी है.
ईडी की यह कार्रवाई दिखाती है कि शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए होने वाली वित्तीय धोखाधड़ी पर सख्त निगरानी और कार्रवाई जारी है. मामले की जांच अभी भी गहराई से की जा रही है.
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भारत एक्सप्रेस
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