Bharat Express DD Free Dish

दादा की विरासत, पोते का विजन: कुशाग्र नयन बजाज ने कैसे बनाया साम्राज्य?

Kushagra Nayan Bajaj Birthday: एक तरफ अमेरिका की डिग्री, दूसरी तरफ यूपी के गन्ने के खेत. कुशाग्र नयन बजाज ने इन दोनों को मिलाकर सफलता की ऐसी कहानी लिखी, जो कम ही देखने को मिलती है. आइये जानें उनका विजन और सफर

Kushagra Nayan Bajaj Birthday Special Transformed Bajaj Group As Largest Sugar Producer

डीडी पांडेय/Kushagra Nayan Bajaj Birthday| उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई क्षेत्र में स्थित गोला गोकर्णनाथ अपने प्राचीन शिव मंदिर के लिए व्यापक रूप से विख्यात है. इसे अक्सर ‘छोटी काशी’ (मिनी काशी) भी कहा जाता है. धार्मिक महत्व को समेटे हुए इस स्थान का भारत के कॉर्पोरेट और औद्योगिक इतिहास में भी इसका एक महत्वपूर्ण स्थान है. वर्ष 1931 में, महात्मा गांधी के मार्गदर्शन का पालन करते हुए, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और उद्योगपति जमनालाल बजाज ने गोला गोकर्णनाथ में अपनी पहली चीनी मिल स्थापित की थी. इस विरासत को जमनालाल बजाज के परपोते कुशाग्र नयन बजाज आगे बढ़ा रहे हैं.

अपने ऊर्जावान नेतृत्व और तेज व्यावसायिक सूझबूझ के लिए पहचाने जाने वाले, कुशाग्र बजाज एक प्रमुख बिजनेस लीडर के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने बजाज समूह की विरासत को सफलतापूर्वक संरक्षित और विस्तारित किया है. इस पहल ने एक ऐसी औद्योगिक विरासत की नींव रखी, जिसने बाद में क्षेत्र के आर्थिक विकास में परिवर्तनकारी भूमिका निभाई.

लगातार बढ़ रही कंपनी

वर्तमान में कुशाग्र नयन बजाज विविध बजाज समूह (Bajaj Group) के प्रमोटर और गैर-कार्यकारी अध्यक्ष (Non-Executive Chairman) हैं. संयुक्त राज्य अमेरिका में शिक्षित, बजाज के पास कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी, पिट्सबर्ग से विज्ञान स्नातक (Bachelor of Science) की डिग्री और नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी, शिकागो से मार्केटिंग और फाइनेंस में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री है. उनके नेतृत्व में ग्रुप 2.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का समूह बना है. इसमें जिसकी चीनी, इथेनॉल, बिजली उत्पादन और फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है.

2 से बढ़ाकर 16 की मीलों की संख्या

कुशाग्र नयन बजाज ने जब समूह के पारंपरिक चीनी कारोबार की कमान संभाली, तब बजाज समूह उत्तर प्रदेश में केवल दो चीनी मिलों (गोला और पलिया) का संचालन करता था. रणनीतिक विस्तार, परिचालन दक्षता और परियोजनाओं के समय पर निष्पादन के माध्यम से कुशाग्र बजाज ने चीनी मिलों की संख्या दो से बढ़ाकर सोलह कर दी. उनके नेतृत्व में, बजाज समूह भारत का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक, एशिया का दूसरा सबसे बड़ा और चीनी उत्पादन क्षमता में विश्व स्तर पर शीर्ष तीन में शामिल हो गया.

नाम ही समूह की ताकत

मिस्टर बजाज उद्योग पर्यवेक्षक अक्सर उनकी व्यावहारिक नेतृत्व शैली को रेखांकित करते हैं. कहा जाता है कि नई चीनी मिलों की स्थापना के दौरान, कुशाग्र बजाज ने व्यक्तिगत रूप से परियोजना स्थलों पर कई दिन और रातें बिताईं, यहाँ तक कि खुले आसमान के नीचे एक साधारण खाट पर सोए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि काम योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है. समय से पहले परियोजनाओं को पूरा करने का उनका आग्रह समूह की एक परिभाषित ताकत बन गया.

बिजली समस्या के लिए किया काम

साल 2009 में जब उत्तर प्रदेश बिजली की भारी कमी का सामना कर रहा था, कुशाग्र बजाज ने एक साहसिक पहल के साथ कदम आगे बढ़ाया. उन्होंने ललितपुर में 1980 मेगावाट का कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया, जो उस समय राज्य के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में से एक था. तमाम लॉजिस्टिकल और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद, परियोजना समय पर पूरी हुई और राज्य में बिजली की आपूर्ति को स्थिर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे इसे उत्तर प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए “संकट-मोचक” होने की प्रतिष्ठा मिली.

बेटी ने संभाली अहम भूमिका

हाल ही में बजाज समूह ने एक और मील का पत्थर स्थापित किया जब कुशाग्र बजाज की बेटी, आनंदमयी बजाज ने समूह के भीतर महाप्रबंधक (रणनीति) यानी General Manager (Strategy) की भूमिका संभाली. उनका शामिल होना भारत के प्रमुख व्यापारिक परिवारों में नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है और महिला सशक्तिकरण और प्रगतिशील कॉर्पोरेट प्रशासन के प्रति समूह की प्रतिबद्धता को पुख्ता करता है.

ये भी पढ़ें: अब ‘क्रिटिकल मिनरल्स’! ट्रेड डील के बाद जयशंकर का वॉशिंगटन में ‘पावर प्ले’, रुबियो-बेसेंट के साथ बैठक से क्या निकला?

अपने जन्मदिन के अवसर पर, कुशाग्र नयन बजाज निरंतरता और बदलाव के प्रतीक के रूप में खड़े हैं. एक ऐसे उद्योगपति जो विरासत को नवाचार (innovation) के साथ जोड़ते हैं और क्षेत्रीय विकास व राष्ट्र-निर्माण में सार्थक योगदान दे रहे हैं.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read