मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मिशन कर्मयोगी’ विजन को धरातल पर सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 23 और 24 अक्टूबर को दो दिवसीय ‘तृतीय साधना कार्यशाला’ का आयोजन किया जा रहा है. कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन (CBC) के सहयोग से आयोजित होने वाली इस कार्यशाला में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यह आयोजन राज्यों के बीच अंतर-संस्थागत सहयोग, प्रशासनिक क्षमता के विकास और लोक सेवा में सुशासन के साझा मानक स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा.
8 राज्य और 4 केंद्र शासित प्रदेश करेंगे मंथन
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कार्यशाला में उत्तर प्रदेश सहित 8 उत्तरी राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. यह मंच श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) और अनुभवों के आदान-प्रदान के साथ-साथ लोक सेवकों को आधुनिक चुनौतियों, नागरिक-केंद्रित व्यवस्था और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उभरती तकनीकों के अनुरूप ढालने का खाका तैयार करेगा.
UP के 19.26 लाख कर्मी iGOT पोर्टल से जुड़े
सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने मिशन कर्मयोगी को प्रशासनिक कार्यसंस्कृति की आत्मा बनाया है. प्रदेश के 19 लाख 26 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारी iGOT पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं और 3 करोड़ 86 लाख से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे कर देश में नया कीर्तिमान रचा है. 334 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान उन्नति पोर्टल के माध्यम से नए भारत के लोक सेवकों को तैयार कर रहे हैं.
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