Mahoba News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के महोबा (Mahoba) में एआरटीओ का अजब-गजब कारनामा सामने आया है. जिले के एआरटीओ कार्यालय में धोखाधड़ी के बड़े मामले का खुलासा हुआ है. कई वाहनों के कागजात किसी और के नाम और रजिस्ट्रेशन दूसरे के नाम पर कर दिया गया है. इस मामले में महोबा के तत्कालीन ARTO सहित 7 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है.
कैसे हुआ कारनामे का खुलासा?
आरोप है कि ARTO ऑफिस ने वाहन स्वामी के कागजात का दुरुपयोग किया है. वाहन स्वामी के कागजात का गलत तरह से प्रयोग कर उनके नाम पर 25 से अधिक वाहनों का पंजीयन करा दिया गया. इतने बड़े कारनामे का खुलासा तब हुआ जब वाहनों का चालान कटा.
तत्कालीन एआरटीओ समेत 7 पर FIR
आपको बता दें कि महोबा जिले (Mahoba News) के कस्बा कबरई के मुहल्ला इंद्रानगर निवासी सत्येंद्र अग्नहोत्री के कागजात का दुरुपयोग किया गया. उन्होंने बताया कि उसके नाम पर बाइक, कार और डंपर आदि वाहन एआरटीओ कार्यालय से पंजीकृत है. उनके द्वारा जमा कागजात और हलफनामे का दुरुपयोग किया गया, जिनको उन्होंने अपने वाहनों के पंजीयन के समय कार्यालय में जमा किया था. इस मामले में सत्येंद्र ने तत्कालीन एआरटीओ समेत उच्चाधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ.
हो रही मामले की विवेचना
जब इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब पीड़ित वाहन स्वामी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने तत्कालीन एआरटीओ (ARTO) सहित 7 लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. इस मामले में थानाध्यक्ष कबरई सत्यवेंद्र सिंह भदौरिया ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि विवेचना जारी है.
Also Follow Bharat Express on Facebook
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



