उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच एक सात साल की बच्ची ने नगर पालिका की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है. पहली कक्षा की छात्रा समरा नाज सोमवार को खुद अपनी समस्या लेकर सीधे जिलाधिकारी (DM) आनंद वर्धन के पास पहुंच गई. मासूम ने जब अपनी आपबीती सुनाई, तो डीएम भी उसकी बेबाकी और मासूमियत देखकर हैरान रह गए.
‘गंदी ड्रेस देखकर स्कूल में मिलती है डांट’
डीएम दफ्तर पहुंची समरा नाज ने बेहद मासूमियत से जिलाधिकारी को अपनी परेशानी बताई. बच्ची ने कहा, ‘डीएम सर, मेरे स्कूल जाने का रास्ता बहुत खराब है. ऑटो से जाते समय झटके लगते हैं, कई बार गिरकर चोट भी लग जाती है. कीचड़ के कारण स्कूल ड्रेस गंदी हो जाती है, जिसकी वजह से स्कूल में टीचर्स से डांट भी सुननी पड़ती है.’
बच्ची की यह बात सुनते ही जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया. उन्होंने न सिर्फ प्यार से नन्हीं समरा की पूरी बात ध्यान से सुनी, बल्कि उसे चाय-पानी पूछकर तुरंत समस्या के समाधान का भरोसा भी दिया.
25 मीटर कच्चा रास्ता
जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने मीडिया को बताया कि कक्षा एक में पढ़ने वाली 7 वर्षीय समरा नाज वार्ड संख्या 17 की निवासी है. उसके स्कूल जाने वाले मुख्य मार्ग पर करीब 25 मीटर का हिस्सा पूरी तरह कच्चा और जर्जर है, जिससे बारिश या आम दिनों में जलभराव और कीचड़ की स्थिति बन जाती है.
डीएम ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह क्षेत्र नगर पालिका सीमा के अंतर्गत आता है, इसलिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तुरंत मौके पर जाकर सड़क का निरीक्षण करने के निर्देश दे दिए गए हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस 25 मीटर के टुकड़े का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा ताकि बच्चों को स्कूल आने-जाने में कोई तकलीफ न हो.
सोशल मीडिया पर नन्हीं फरियादी हुई वायरल
मऊ में एक छोटी सी बच्ची का खुद चलकर अपनी फरियाद लेकर डीएम तक पहुंचना अब शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. स्थानीय लोग बच्ची के इस साहस और जागरूकता की जमकर सराहना कर रहे हैं. वहीं प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया से उम्मीद जगी है कि जल्द ही इस खस्ताहाल सड़क से क्षेत्रवासियों को निजात मिल जाएगी.
यह भी पढ़ें: कौशांबी में मौत का गोदाम; 2KM तक गूंजा धमाका, 11 लोग जिंदा जले
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


