मेरठ में सपा विधायक अतुल प्रधान के आवास पर सुरक्षा सख्त, पुलिस ने किया नजरबंद. (PC: भारत एक्सप्रेस)
UP Politics News:हरीश/मेरठ: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हाल ही में हुई मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की पड़ताल करने जा रहे समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने मेरठ स्थित उनके आवास पर नजरबंद कर दिया है.
मेरठ की सरधना सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया है. अतुल प्रधान सहारनपुर जा रहे सपा के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, जिसे सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले की जमीनी जानकारी जुटाकर पार्टी हाईकमान को रिपोर्ट सौंपनी थी. कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताते हुए प्रशासन ने तड़के से ही उनके घर को छावनी में बदल दिया और उन्हें जाने से रोक दिया.
भारी संख्या में पुलिस बल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैद
उत्तर प्रदेश के मेरठ में सरधना से समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान को पुलिस-प्रशासन ने उनके आवास पर ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया है. रविवार देर रात से ही उनके मेरठ स्थित घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैद कर दिए गए थे, ताकि वे शहर से बाहर न निकल सकें.
बताया जा रहा है कि अतुल प्रधान समाजवादी पार्टी के उस 22 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं, जिसे सहारनपुर दौरे पर जाना था. यह प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर में हुई हालिया मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर स्थानीय मंडलायुक्त और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करने वाला था. सपा टीम को मौके पर पहुंचकर मामले के तथ्य जुटाने और अपनी विस्तृत रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई थी.
पुलिस और विधायक के समर्थकों के बीच तीखी बहस
सोमवार सुबह जब विधायक अतुल प्रधान अपनी गाड़ी से सहारनपुर जाने के लिए घर से बाहर निकलने लगे, तो पहले से मुस्तैद पुलिस टीम ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और आगे बढ़ने से साफ मना कर दिया. इस दौरान पुलिस और विधायक के समर्थकों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली.
सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों को दबा रही
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सहारनपुर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से यह कदम उठाया गया है. वहीं, सपा विधायक अतुल प्रधान ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि विपक्ष का प्रतिनिधिमंडल केवल सच जानने और स्थानीय अधिकारियों से निष्पक्ष बातचीत के लिए जा रहा था, लेकिन सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का काम कर रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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