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मेरठ में वक्फ की 1000 करोड़ की जमीन पर डाका! जिया अब्बास और अली जैदी समेत कई दिग्गजों पर FIR दर्ज

मेरठ में 1000 करोड़ की वक्फ संपत्ति के फर्जी बैनामे के मामले में जिया अब्बास और अली जैदी समेत कई लोगों पर FIR दर्ज हुई है. राज्यपाल से शिकायत के बाद कंकरखेड़ा थाने में यह कार्रवाई की गई है.

Meerut Waqf Property Scam FIR Against History Sheeter Zia Abbas and Ali Zaidi

Waqf Property Scam: हरिश शर्मा/मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में वक्फ संपत्ति को लेकर अब तक का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. लगभग 1000 करोड़ रुपये की कीमती वक्फ जमीन को फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचने के आरोप में जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की तहरीर पर कंकरखेड़ा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों और भू-माफियाओं के एक सिंडिकेट को नामजद किया है.

राज्यपाल से शिकायत के बाद जागा प्रशासन

इस बड़े घोटाले की गूंज उत्तर प्रदेश की राज्यपाल तक पहुंची थी. राज्यपाल से शिकायत होने के बाद शासन सक्रिय हुआ और मेरठ प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए. जांच में सामने आया कि माफियाओं ने वक्फ संपत्ति के फर्जी बैनामे (Sale Deeds) तैयार किए और करोड़ों की जमीन खुर्द-बुर्द कर दी. इस मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस को तहरीर दी, जिसके आधार पर धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 351(3) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.

रसूखदार चेहरे शामिल

पुलिस ने जिन लोगों को इस घोटाले में मुख्य आरोपी बनाया है, उनमें इलाके का नामी हिस्ट्रीशीटर जिया अब्बास, रोहतास पहलवान, रिफाकत अली गांधी, अशोक मारवाड़ी और अली जैदी जैसे नाम शामिल हैं. आरोप है कि इन लोगों ने मिलीभगत कर वक्फ की बेशकीमती जमीनों के जाली कागजात बनवाए और उन्हें आगे बेच दिया.

रजिस्ट्रार ऑफिस की भूमिका पर उठे सवाल

इस पूरे घोटाले में रजिस्ट्रार ऑफिस (निबंधन विभाग) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने पहले ही रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर इन संपत्तियों का बैनामा न करने की चेतावनी दी थी. इसके बावजूद निबंधन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत से वक्फ की जमीनें बेच दी गईं. अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि विभाग के किन कर्मचारियों ने इन फर्जी बैनामों को मंजूरी दी थी.

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-भारत एक्सप्रेस



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