महाकुंभ नगर: प्रयागराज की पावन धरा पर सोमवार को देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पहुंचकर पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान किया. राष्ट्रपति यहां महाकुंभ की भव्यता व दिव्यता की साक्षी बनीं. इसके उपरांत उन्होंने अक्षयवट और सरस्वती कूप के दर्शन किये, साथ ही बड़े हनुमान मंदिर पहुंचकर श्रद्धाभाव से पूजन-अर्चन किया. इस दौरान प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे.

देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संगम में पवित्र स्नान के उपरांत धार्मिक आस्था को और अधिक मजबूती देने के लिए अक्षयवट का दर्शन-पूजन किया. सनातन संस्कृति में अक्षयवट को अमरता का प्रतीक माना जाता है. यह हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण स्थल है, जिसकी महत्ता पुराणों में भी वर्णित है. इसके अलावा वे यहां सरस्वती कूप के दर्शन को भी पहुंचीं. उन्होंने बड़े हनुमान मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया और देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की. मंदिर के महंत और बाघंबरी पीठ के पीठाधीश्वर बलबीर गिरि ने पूरे विधि विधान से पूजन संपन्न कराया और राष्ट्रपति को मंदिर की प्रतिकृति भेंट की.

डिजिटल महाकुंभ अनुभूति केंद्र का किया अवलोकन
आधुनिक भारत और डिजिटल युग के साथ धार्मिक आयोजनों को जोड़ने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी समर्थन दिया. वे डिजिटल महाकुंभ अनुभूति केंद्र का अवलोकन करने पहुंचीं, जिसमें महाकुंभ मेले की विस्तृत जानकारी तकनीकी माध्यमों से उपलब्ध कराई जा रही है. देश-विदेश के श्रद्धालुओं को महाकुंभ के अद्भुत आयोजन को और अधिक निकटता से अनुभव करने के लिए इसे स्थापित किया गया है. राष्ट्रपति ने स्वयं इसका अनुभव किया. वहीं, मुख्यमंत्री ने उन्हें केंद्र की विशेषताओं से अवगत कराया.

-भारत एक्सप्रेस
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