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खाकी का खतरनाक खेल! सलाखों के पीछे था आरोपी, पुलिस ने दिखा दी मुठभेड़, अब 13 पुलिसकर्मी नपेंगे

Sambhal Fake Encounter: संभल में फर्जी मुठभेड़ के मामले में कोर्ट ने 13 पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश दिया है. इनमें घटना के समय तैनात रहे 2 इंस्पेक्टर, 4 दरोगा और सिपाही शामिल हैं. कोर्ट ने इस संबंध में 3 दिनों के अंदर कोर्ट में रिपोर्ट सौंपने का भी आदेश जारी किया है.

Sambhal Fake Encounter

संभल से अंसार मलिक की रिपोर्ट



Sambhal Fake Encounter: संभल में फर्जी मुठभेड़ के मामले में कोर्ट ने 13 पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश दिया है. इनमें घटना के समय तैनात रहे 2 इंस्पेक्टर, 4 दरोगा और सिपाही शामिल हैं. कोर्ट ने इस संबंध में 3 दिनों के अंदर कोर्ट में रिपोर्ट सौंपने का भी आदेश जारी किया है.

लूट की घटना के दिन आरोपी किसी अन्य मुकदमे में जिला कारागार बदायू में बंद था. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि लोकसेवकों को गैरकानूनी काम करने के लिए संरक्षण नहीं दिया गया है. ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराना आवश्यक है.

2022 का है मामला

दरअसल यह मामला 7 जुलाई 2022 का है. जहां थाना बहजोई क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान ओमवीर, धीरेंद्र और अवनेश को गिरफ्तार किया गया था. घटना के समय गोपाल सिंह सीओ के पद पर तैनात थे. मामले को लेकर ओमवीर ने कोर्ट में याचिका दायर की. जिसमें उसने बताया कि उसके खिलाफ पुलिस ने फर्जी कार्रवाई की है. लूट के दिन वह जेल में बंद था, जबकि उसे लूट की घटना में शामिल होने का आरोप लगाया गया.

घटना के दिन जेल में बंद था आरोपी

जिस मामले में सुनवाई करते हुए मुख्य मजिस्ट्रेट ने कहा कि रिकॉर्ड से यह तथ्य सामने आया है कि जिस दिन लूट की घटना दर्शाई गई उस दिन एक आरोपी अन्य मुकदमे में जिला कारागार बदायूं में बंद था. प्रथम दृष्टया यह संकेत मिलता है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने षड्यंत्र, गलत तरीके से जांच, दस्तावेजों की जालसाजी और पद का दुरुपयोग किया है. कोर्ट ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के पहले के निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि लोकसेवकों को गैरकानूनी काम के लिए संरक्षण प्राप्त नहीं है. ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच कराना आवश्यक है.

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3 दिन में रिपोर्ट सौंपने का आदेश

कोर्ट ने थाना बहजोई के थानाध्यक्ष को निर्देश दिए कि तत्काल मुकदमा दर्ज कर 3 दिनों के अंदर कोर्ट में रिपोर्ट सौंपे. न्यायालय ने आदेश दिया कि इस मामले में ओमवीर को शामिल न किया जाए. इसके साथ कोर्ट ने तत्कालीन दो इंस्पेक्टरों और एक उपनिरीक्षक सहित कुल 13 पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश थाना बहजोई पुलिस और एसपी संभल को दिए हैं.

बता दें कि सीओ गोपाल सिंह का ट्रांसफर जनपद संभल से 18 जून 2022 को किया जा चुका था, जबकि मुठभेड़ की घटना 7 जुलाई 2022 को हुई. वर्तमान में सीओ गोपाल सिंह आगरा की पीएसी लाइन में तैनात हैं. माननीय न्यायालय के द्वारा जांच पड़ताल करवा कर सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.

-भारत एक्सप्रेस



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