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History of Toothbrush: मानव सभ्यता ने स्वच्छता और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण आविष्कार किए हैं, जिनमें टूथब्रश यानी की दांतों वाला ब्रश भी शामिल है. आज के इतिहास में हम बात करते हैं टूथब्रश के आविष्कार की, जिसकी शुरुआत 1498 में चीन में हुई थी.
1498: टूथब्रश का पेटेंट
चीन के सम्राट होंग्जी (Hongzhi Emperor) के शासनकाल में 26 जून 1498 को टूथब्रश को औपचारिक रूप से पेटेंट कराया गया. यह आविष्कार आधुनिक स्वच्छता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ. उस समय चीन में लोग पहले से ही दांत साफ करने की कुछ प्राकृतिक विधियों का इस्तेमाल करते थे, लेकिन पहली बार एक हैंडल वाली ब्रश जैसी वस्तु को व्यवस्थित रूप दिया गया.
शुरुआती टूथब्रश कैसा था?
प्राचीन काल में टूथब्रश आज के नरम, प्लास्टिक वाले ब्रश से बिल्कुल अलग था. मुख्य विशेषताएं इस प्रकार थीं:
- हैंडल: बांस (बैम्बू) या हड्डी से बनाया जाता था.
- ब्रिसल्स (ब्रश के बाल): सुअर, घोड़े या अन्य जानवरों के बालों को हैंडल पर चिपकाया जाता था. ये बाल प्राकृतिक रूप से सख्त होते थे.
- उपयोग: दांतों की सफाई के साथ-साथ मसूड़ों की मालिश के लिए भी इस्तेमाल होता था.
बता दें कि शुरुआत में टूथब्रश मुख्य रूप से कुलीन वर्ग और सम्राटों तक सीमित था, क्योंकि इसे बनाना महंगा और समयसाध्य था.
प्राचीन दांत साफ करने की विधियां
टूथब्रश से पहले दातों को साफ करने के लिए दुनिया भर में लोग विभिन्न प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग करते थे:
- भारत: नीम की दातुन का प्रचलन हजारों वर्ष पुराना है.
- मिस्र और रोम: पाउडर बनाकर (नमक, पुदीना, मिट्टी आदि मिलाकर) उंगली या कपड़े से दांत साफ किए जाते थे.
- चीन: शुरूआती दौर में चारकोल (कॉयला) , राख, नमक और जड़ी-बूटियों का पेस्ट बनाकर इस्तेमाल होता था.
Toothbrush का विकास
1498 के बाद टूथब्रश धीरे-धीरे यूरोप पहुंचा. 17वीं-18वीं शताब्दी में ब्रिटेन और फ्रांस में इसे लोकप्रिय बनाया गया. 1938 में नाइलॉन ब्रिसल्स के आविष्कार के साथ आधुनिक टूथब्रश का जन्म हुआ. फिर 1950 के दशक में इलेक्ट्रिक टूथब्रश आए.
टूथब्रश की कहानी हमें बताती है कि छोटी-छोटी आदतें कितनी पुरानी और महत्वपूर्ण हैं. सम्राट होंग्जी के इस योगदान ने न सिर्फ दंत स्वास्थ्य को नई दिशा दी, बल्कि पूरे विश्व में मौखिक स्वच्छता की जागरूकता बढ़ाई. आज भी हम उसी परंपरा को बेहतर ब्रश, बेहतर पेस्ट और बेहतर आदतों के साथ आगे बढ़ा रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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