क्रिकेट में कई बार ऐसा होता है कि कोई खिलाड़ी सिर्फ अच्छा प्रदर्शन नहीं करता, बल्कि ऐसा कारनामा कर जाता है जिसे सालों तक याद रखा जाता है. वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर जस्टिन ग्रीव्स ने पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में कुछ ऐसा ही कर दिखाया. ट्रिनिडाड के तारौबा में खेले जा रहे मुकाबले के तीसरे दिन उन्होंने ऐसी गेंदबाज़ी की, जिसने मैच का पूरा रुख बदल दिया और टेस्ट क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा दिया.
जस्टिन ग्रीव्स ने लगातार पांच ओवर मेडन फेंके और सबसे खास बात यह रही कि हर मेडन ओवर में उन्होंने एक-एक विकेट भी हासिल किया. यानी पांच ओवर, पांच मेडन और पांच विकेट. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिला है. इससे पहले किसी भी गेंदबाज़ ने लगातार पांच विकेट-मेडन ओवर नहीं डाले थे. इस प्रदर्शन ने पुराने रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिए.
ग्रीव्स का यह स्पेल देखने वालों के लिए किसी सपने जैसा था. हर बार जब वह गेंद लेकर दौड़े, पाकिस्तान को एक नया झटका लगा. बल्लेबाज़ रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे, लेकिन ग्रीव्स ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया.
मजबूत दिख रही पाकिस्तान की पारी अचानक ढह गई
एक समय पाकिस्तान की टीम बेहद मजबूत स्थिति में थी. कप्तान शान मसूद शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए 109 रन बना चुके थे और टीम का स्कोर 244 रन पर सिर्फ तीन विकेट था. ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करेगा.
लेकिन इसके बाद जस्टिन ग्रीव्स ने गेंद संभाली और पूरी कहानी बदल गई. उन्होंने सबसे पहले शान मसूद को शानदार गेंद पर बोल्ड किया. इसके बाद आमेर जमाल का मिडिल स्टंप उखाड़ दिया. अली उस्मान को एलबीडब्ल्यू आउट किया, जबकि मोहम्मद रिजवान और मोहम्मद अब्बास को विकेटकीपर के हाथों कैच कराया. देखते ही देखते पाकिस्तान के आखिरी सात विकेट सिर्फ 38 रन जोड़कर गिर गए.
पूरी टीम 282 रन पर सिमट गई, जबकि कुछ समय पहले तक बड़ा स्कोर तय माना जा रहा था.
दिन की शुरुआत में ग्रीव्स की गेंदबाज़ी बिल्कुल सामान्य रही थी. उन्होंने शुरुआती छह ओवर में 27 रन दिए थे और कोई विकेट नहीं मिला था. लेकिन इसके बाद जैसे ही उन्हें सही लाइन और लेंथ मिली, उन्होंने पाकिस्तान के बल्लेबाज़ों को लगातार परेशान करना शुरू कर दिया.
आखिर में उनके आंकड़े 11 ओवर में 6 मेडन, 27 रन और 5 विकेट रहे. यह उनके टेस्ट करियर का पहला पांच विकेट लेने का कारनामा भी है, जिसे वह लंबे समय तक याद रखेंगे.
कप्तान की एक सलाह बनी सफलता की कुंजी
मैच के बाद जस्टिन ग्रीव्स ने बताया कि कप्तान रोस्टन चेस ने उन्हें सिर्फ एक बात कही थी. अपनी लाइन और लेंथ पर टिके रहो और धैर्य मत खोना. ग्रीव्स ने उसी सलाह को मैदान पर पूरी तरह अपनाया. पिच से गेंद को सीम मूवमेंट मिल रही थी और उन्होंने उसका भरपूर फायदा उठाया.
उनका मानना था कि लगातार सही जगह गेंद डालने से बल्लेबाज़ों पर दबाव बढ़ता गया और आखिरकार विकेट मिलते चले गए.
वेस्टइंडीज को मिली अहम बढ़त
वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 311 रन बनाए थे. पाकिस्तान के 282 रन पर ऑलआउट होने के बाद मेजबान टीम को 29 रन की बढ़त मिल गई. तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज ने अपनी दूसरी पारी में 126 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे. इस तरह टीम की कुल बढ़त 155 रन तक पहुंच गई और मुकाबला बेहद रोमांचक स्थिति में आ गया.
अब दोनों टीमों के सामने जीत का मौका बना हुआ है, लेकिन तीसरे दिन की सबसे बड़ी चर्चा जस्टिन ग्रीव्स की ऐतिहासिक गेंदबाज़ी ही रही.
क्रिकेट में कई रिकॉर्ड बनते और टूटते रहते हैं, लेकिन कुछ प्रदर्शन ऐसे होते हैं जो सिर्फ रिकॉर्ड बुक तक सीमित नहीं रहते. जस्टिन ग्रीव्स का यह स्पेल भी उन्हीं में से एक है. पांच लगातार मेडन ओवर, हर ओवर में एक विकेट और एक भी रन नहीं देना—यह सिर्फ शानदार गेंदबाज़ी नहीं, बल्कि धैर्य, सटीकता और लगातार दबाव बनाने की बेहतरीन मिसाल है.
इस प्रदर्शन ने यह भी साबित कर दिया कि टेस्ट क्रिकेट में एक गेंदबाज़ का छोटा-सा स्पेल पूरे मैच की तस्वीर बदल सकता है. जस्टिन ग्रीव्स ने अपने करियर की सबसे यादगार गेंदबाज़ी करते हुए इतिहास रच दिया और क्रिकेट प्रेमियों को ऐसा पल दिया, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा.
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