क्या सच में सोनम वांगचुक ही हैं ‘3 Idiots’ के असली ‘रैंचो’? जानिए दोनों के बीच का ये अनोखा कनेक्शन
क्या फिल्म ‘3 Idiots’ का रैंचो असल में सोनम वांगचुक पर आधारित था? जानिए इस फिल्मी किरदार और लद्दाख के मशहूर शिक्षा सुधारक के बीच का कनेक्शन.
बचपन में तंगहाली, मैदान पर राज; धनराज पिल्ले का वो ऐतिहासिक रिकॉर्ड जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया
भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी धनराज पिल्ले का जन्मदिन 16 जुलाई को मनाया जाता है. साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने अपनी मेहनत, जुनून और शानदार खेल के दम पर भारतीय हॉकी में अलग पहचान बनाई.
हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम के 170 साल, जानिए कैसे ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने दिलाई महिलाओं को नई जिंदगी
16 जुलाई 1856 भारतीय सामाजिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन है, जब हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम को मंजूरी मिली. इस कानून ने विधवा महिलाओं को दोबारा विवाह करने का कानूनी अधिकार दिया और समाज में लंबे समय से चली आ रही रूढ़ियों को चुनौती दी.
111 दिनों का महा-अनशन और सरकार को खुली चुनौती; सोनम वांगचुक के आंदोलन के बीच क्यों याद आए ये ‘वैज्ञानिक संन्यासी’?
Ganga Protection Movement: आईआईटी के नामचीन प्रोफेसर से लेकर एक तपस्वी संन्यासी बनने तक, प्रोफेसर जीडी अग्रवाल की कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है. गंगा को अविरल और निर्मल बनाने की जिद में 111 दिनों तक आमरण अनशन करने वाले इस 'सच्चे भगीरथ' का बलिदान आज भी देश के हर पर्यावरण आंदोलन की आत्मा बना हुआ है.
मोरारजी देसाई का वो इस्तीफा, जिसने हमेशा के लिए बदल दिया राजनीति का रुख
15 जुलाई 1979 को प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के इस्तीफे के साथ देश की पहली गैर-कांग्रेसी जनता पार्टी सरकार का अंत हो गया.
जॉर्ज ईस्टमैन की जयंती: जानिए कैसे ‘कोडक’ के संस्थापक ने रील वाले कैमरे से दुनिया में लाई थी क्रांति
फोटोग्राफी को दुनिया भर में आम लोगों तक पहुंचाने वाले और 'कोडक' साम्राज्य के संस्थापक जॉर्ज ईस्टमैन की 12 जुलाई को जयंती है. उन्होंने भारी-भरकम कैमरों की जगह रील और रोल फिल्म की तकनीक विकसित कर फोटोग्राफी को 'बटन दबाने जितना आसान' बना दिया.
जनकी अम्मा: दक्षिण भारत की नाइटिंगेल की अमर विरासत
दक्षिण भारतीय संगीत की अमर आवाज़ एस. जानकी अब हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनके गीत हमेशा श्रोताओं के दिलों में गूंजते रहेंगे.
सिर्फ मां-बेटी का रिश्ता नहीं, एक औरत की आत्म-पहचान की जंग है अरुंधति रॉय की ये नई किताब
अरुंधति रॉय की ‘मेरी माँ मेरी गैंगस्टर’ एक ऐसी आत्मीय यात्रा है, जिसमें लेखिका अपने जीवन के सबसे जटिल और गहरे रिश्तों में से एक अपनी मां मैरी रॉय के साथ संबंध को नए नजरिए से देखती हैं.
1857 से 51 साल पहले भड़की थी आजादी की पहली चिंगारी, जानें वेल्लोर विद्रोह की पूरी कहानी
10 जुलाई 1806 को वेल्लोर किले में भारतीय सिपाहियों ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ पहला बड़ा सैन्य विद्रोह छेड़ा था. धार्मिक हस्तक्षेप और अपमानजनक ड्रेस कोड के विरोध में हुआ यह विद्रोह 1857 की क्रांति का अग्रदूत माना जाता है.
जब काशी विश्वनाथ मंदिर से चोरी हुआ था ‘स्वर्ण अर्घा’… जानें कैसे एक घटना ने बदल दिया था पूरा कानून
अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी हालिया घटनाओं के बीच मंदिर प्रबंधन और सरकारी निगरानी को लेकर बहस तेज हो गई है.







