स्थानीय हवा नहीं, ग्लोबल सिस्टम का हिस्सा है भारतीय मॉनसून; जानें सर गिल्बर्ट वॉकर की ऐतिहासिक खोज की पूरी कहानी
1920 के दशक में आईएमडी के प्रमुख सर गिल्बर्ट वॉकर द्वारा की गई 'दक्षिणी आक्सिलेशन' (Southern Oscillation) की खोज ने भारतीय मॉनसून के पूर्वानुमान को हमेशा के लिए बदल दिया. इस खोज ने साबित किया कि मॉनसून कोई स्थानीय घटना नहीं बल्कि एक वैश्विक प्रणाली है.
विदेशी धरती से आजादी की अलख जगाने वाले महानायक; क्या मिटाई जा रही है मौलाना बरकतुल्ला की पहचान?
भोपाल स्थित मौलाना बरकतुल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने के प्रस्ताव ने एक बार फिर बहस को तेज कर दिया है.
मंच नहीं, जंगल चुना! अरावली की छांव में पौधे लगाते हुए लॉन्च हुई ‘पीपल बाबा’ की नई किताब
गुरुग्राम के अरावली जंगल में पेड़ों के बीच जब स्वामी प्रेम परिवर्तन की किताब ‘पीपल की छाँव में’ का लोकार्पण किया गया, तो यह सिर्फ एक साहित्यिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि प्रकृति के साथ एक भावनात्मक संवाद जैसा महसूस हुआ.
बदलाव की चाह, आज़ादी की मांग और फिर… बिछ गईं हज़ारों लाशें; बीजिंग की उस रात का वो सच जिसे आज भी छिपाता है चीन
4 जून 1989 की रात बीजिंग के थियानमेन चौक पर जो हुआ, उसने पूरी दुनिया को हिला दिया था. यह वही जगह थी जहां हजारों छात्र और आम नागरिक शांतिपूर्वक इकट्ठा होकर अपने देश में लोकतंत्र, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और अभिव्यक्ति की आज़ादी की मांग कर रहे थे.
नक्शे पर लकीर से नहीं, इंसानी लाशों पर बना पाकिस्तान; जानिए क्या था अंग्रेजों का ‘3 जून प्लान’
3 जून 1947 को ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड माउंटबैटन ने भारत के विभाजन की आधिकारिक योजना पेश की थी, जिसे '3 जून प्लान' कहा जाता है. इसी के तहत 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान के गठन की तारीख तय हुई.
नारायणहिटी पैलेस नरसंहार: एक जिद, तीन बंदूकें और चंद मिनटों में खत्म हो गया नेपाल का पूरा शाही परिवार
1 जून 2001 को नेपाल के नारायणहिटी राजमहल में क्राउन प्रिंस दीपेंद्र शाह ने प्रेम विवाह की अनुमति न मिलने और पारिवारिक विवाद के चलते अंधाधुंध गोलीबारी कर अपने पिता राजा बीरेंद्र और मां रानी ऐश्वर्या सहित राजपरिवार के 9 सदस्यों की हत्या कर दी थी.
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जन्मजयंती: पढ़िए एक साधारण लड़की से रानी बनने की कहानी, काशी विश्वनाथ मंदिर का कराया पुनर्निर्माण
Ahilyabai Holkar Jayanti: लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती पर जानिए उनके साधारण लड़की से रानी बनने, कुशल न्याय व्यवस्था और काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की कहानी.
देश के पहले अखबार ‘उदंत मार्तंड’ से डिजिटल युग तक: हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्ष की यात्रा पर मृणाल पांडे का विश्लेषण
First Hindi Newspaper Udant Martand: उदंत मार्तंड से शुरू हुई हिंदी पत्रकारिता की 200 साल की यात्रा पर मृणाल पांडे की पुस्तक अतीत, वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का सार्थक विश्लेषण प्रस्तुत करती है.
काला पानी की क्रूरता से लेकर गांधी हत्या के दाग तक… सावरकर के जीवन की वो कहानियां जो आज भी सुलगती हैं
वीर सावरकर भारतीय इतिहास के सबसे चर्चित और विवादित व्यक्तित्वों में गिने जाते हैं. क्रांतिकारी आंदोलन से लेकर हिंदुत्व की विचारधारा तक, उनका जीवन कई उतार-चढ़ाव और बहसों से भरा रहा है.
मुख्य रूप से दलित समुदाय को निशाना बनाया गया… कैसे बेलछी नरसंहार बना इंदिरा गांधी की वापसी का टर्निंग पॉइंट?
27 मई 1977 को बिहार के पटना जिले के बेलछी गांव में एक भयावह जातीय नरसंहार हुआ, जिसमें 11 लोगों की हत्या कर दी गई थी. इस घटना में मुख्य रूप से दलित और पिछड़े समुदायों को निशाना बनाया गया.





