जब सेशेल्स के राष्ट्रपति को नहीं था अपनी ही सेना पर भरोसा, फिर भारत ने ऐसे बचाई थी सरकार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सेशेल्स यात्रा ने भारत और इस हिंद महासागर देश के पुराने रिश्तों को फिर चर्चा में ला दिया है. करीब चार दशक पहले भी भारत ने सेशेल्स की सुरक्षा चिंताओं को दूर करने में अहम भूमिका निभाई थी.
देश का वो ‘पहला प्रधानमंत्री’ जिसे इतिहास की किताबों ने भुला दिया! जानिए कौन थे मौलाना बरकतुल्लाह
मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली भारत के उन महान क्रांतिकारियों में से एक थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया.
नेहरू और शास्त्री के निधन के बाद संभाली कमान, जानें 26 दिनों तक देश चलाने वाले गुलजारीलाल नंदा की कहानी
गुलजारीलाल नंदा भारत के उन चुनिंदा नेताओं में से एक थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन सादगी, ईमानदारी और देशसेवा को समर्पित कर दिया.
क्लाउड सीडिंग का भारतीय इतिहास, जानिए कौन थे डॉ. एस.के. बनर्जी और क्या था उनका ‘कलकत्ता प्रयोग’?
डॉ. सुधांशु कुमार बनर्जी, जिन्हें "मेघ बनर्जी" के नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने 1952 में साधारण हाइड्रोजन गुब्बारों की मदद से क्लाउड सीडिंग का सफल प्रयोग कर इतिहास रच दिया.
गुमनामी में खोए उस पहले ओलंपिक हीरो की दास्तान… जिसे नागराज मंजुले पर्दे पर करेंगे जीवंत
खाशाबा दादासाहेब जाधव की प्रेरणादायक कहानी अब फिल्म के जरिए बड़े पर्दे पर लौट रही है.
National Doctors’ Day 2026: कौन थे डॉ. बिधान चंद्र राय, जिनके सम्मान में मनाया जाता है यह दिन? जानें इतिहास और महत्व
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस हर वर्ष 1 जुलाई को मनाया जाता है. यह दिन महान चिकित्सक और भारत रत्न डॉ. बिधान चंद्र राय की जयंती एवं पुण्यतिथि पर उनके योगदान को याद करने के साथ देशभर के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण को सम्मान देने के लिए समर्पित है.
सिदो-कानू और चांद-भैरव की वो वीरगाथा, जब जल-जंगल-जमीन के लिए वीरों ने पानी की तरह बहाया था खून
30 जून को देश भर में 'सन्ताल हूल दिवस' मनाया जा रहा है, जो 1855 में ब्रिटिश उपनिवेशवाद और जमींदारी शोषण के खिलाफ आदिवासियों के पहले संगठित विद्रोह की याद दिलाता है.
जब एक फैसले ने बदल दी पूर्वोत्तर की तकदीर; पढ़िए देश के सबसे सफल शांति समझौते की इनसाइड स्टोरी
मिजोरम का शांति समझौता भारत के इतिहास में एक ऐसा अहम मोड़ है, जिसने करीब दो दशक तक चले उग्रवाद और हिंसा को खत्म कर दिया.
National Statistics Day: कौन थे पीसी महालनोबिस? जिन्होंने ‘डेटा’ को बनाया देश की तरक्की का सबसे बड़ा हथियार
आजादी के बाद भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती भरोसेमंद आंकड़ों की कमी थी, जिसके बिना विकास योजनाएं बनाना मुश्किल था.
पी.वी. नरसिम्हा राव जयंती: जानिए क्यों आधुनिक भारत के असली शिल्पकार को अंतिम विदाई में भी मिला दर्द
पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की 105वीं जयंती पर आधुनिक भारत के निर्माण में उनके योगदान को याद किया जा रहा है. 1991 के भीषण आर्थिक संकट के दौरान अल्पमत सरकार का नेतृत्व करते हुए उन्होंने देश में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत की और 'लुक ईस्ट पॉलिसी' जैसी कूटनीतिक मिसालें पेश कीं.







