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पाकिस्तान में आतंकी हमलों में मारे गए 533 लोग, मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Pakistan: पाकिस्तान में पिछले साल आयी बाढ़ ने काफी नुकसान किया था. रिपोर्ट में बताया गया है कि बाढ़ के प्रभाव से 33 मिलियन लोग प्रभावित हुए थे.

Pakistan Terror Attack

पाकिस्तान में आतंकी हमलों में मारे गए 533 लोग (फाइल फोटो)

Pakistan: पाकिस्तान किस तरह से आतंकवाद को पनाह देता है, ये तो दुनिया में जगजाहिर है. आज उसे ही इस आंतकवाद का सामना करना पड़ रहा है. द न्यूज इंटरनेशनल ने पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि मुल्क में आतंकी हमलों की वजह से कुल 533 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. इसके अलावा 2,210 लोगों के गायब होने के मामले अभी भी अनसुलझे हैं.

मानवाधिकारों की इस साल की रिपोर्ट के आंकड़ें बताते हैं कि बलूचिस्तान से 2,115 और खैबर पख्तूनख्वा में 3369 लोगों के लापता होने के मामले हैं.

पिछले साल आई बाढ़ से 33 मिलियन लोग हुए थे प्रभावित

वहीं पाकिस्तान में पिछले साल आयी बाढ़ ने काफी नुकसान किया था. रिपोर्ट में बताया गया है कि बाढ़ के प्रभाव से 33 मिलियन लोग प्रभावित हुए थे. हालांकि इस गंभीर समस्या को राजनेताओं के स्वार्थ और राजनीति क्रियाकलापों के चलते सामने नहीं आने दिया गया. साल दर साल, एचआरसीपी की वार्षिक रिपोर्ट की बात करें तो देश में महिलाओं की स्थिति दयनीय है. न्यूज इंटरनेशनल ने मानवधिकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि 2022 में 4226 महिलाओं के साथ बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के मामले सामने आए.

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ट्रांसजेंडर लोगों पर हो रहा अत्याचार

एचआरसीपी रिपोर्ट ने खुलासा किया कि देश में भविष्य के लिए आशावाद या आशा के लिए कोई जगह नहीं है, क्योंकि एक तरफ पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है. वहीं दूसरी तरफ लोगों की जिंदगी जीने के हालात हर साल बद से बदतर होते जा रहे हैं. रिपोर्ट में देश में जलवायु-परिवर्तन के संकट के साथ-साथ ट्रांसजेंडर लोगों पर बढ़ते उत्पीड़न को उजागर करने के अलावा, देश की विरोधी राजनीतिक ताकतों और संस्थानों के बीच विवाद की वजह से आम लोगों के जीवन स्तर को खराब करने का जिक्र भी किया गया है.

एचआरसीपी की रिपोर्ट ने आगे बताया कि कुछ प्रगतिशील कानून बने हैं, जो केंद्र, प्रांतों और न्यूनतम मजदूरी से संबंधित है. बच्चों को श्रम के रूप में नियुक्त करने के लिए कठोर दंड और कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसे मुद्दों को हल करने की कोशिश करते हैं.

– भारत एक्सप्रेस



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