Shirin Sharmin Chowdhury bail: बांग्लादेश की संसद की पूर्व अध्यक्ष शिरीन शर्मिन चौधरी को हाल ही में उस मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान एक प्रदर्शनकारी को गोली लगी थी. इस घटना को हत्या के प्रयास का मामला बताया गया था.
अदालत का फैसला
रविवार को अदालत ने चौधरी को जमानत दे दी. उनके वकील एबीएम हामिदुल मिस्बाह ने कहा कि उनकी तबीयत काफी खराब है और इसी आधार पर जमानत की मांग की गई थी. उन्होंने दावा किया कि यह केस पूरी तरह से झूठा है और अदालत ने परिस्थितियों को देखते हुए राहत दी.
जेल से रिहाई
वकील ने बताया कि आदेश की प्रति जेल पहुंचते ही चौधरी को रिहा किया जा सकता है. बाद में गाजीपुर स्थित काशिमपुर महिला केंद्रीय जेल की वरिष्ठ अधीक्षक ने पुष्टि की कि शाम 6:28 बजे उन्हें रिहा कर दिया गया.
रिमांड याचिका खारिज
इससे पहले अदालत ने जांच एजेंसियों की दो दिन की रिमांड याचिका को खारिज कर दिया था और उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया था.
मामला कैसे दर्ज हुआ?
यह केस मई 2025 में मोहम्मद अशरफुल द्वारा दर्ज कराया गया था. उन्होंने शेख हसीना और 129 अन्य लोगों पर संलिप्तता का आरोप लगाया था. अदालत के निर्देश पर जुलाई 2025 में लालबाग पुलिस स्टेशन ने इसे एफआईआर के रूप में दर्ज किया. दस्तावेजों के अनुसार, अशरफुल को जुलाई 2024 में ढाका के अजीमपुर इलाके में गोली मारी गई थी.
चौधरी का कार्यकाल
शिरीन शर्मिन चौधरी ने 2013 से लेकर सितंबर 2024 तक संसद की अध्यक्ष के रूप में काम किया. यह बांग्लादेश के सबसे अहम संवैधानिक पदों में से एक है, जिस पर उन्होंने एक दशक से ज्यादा समय तक जिम्मेदारी निभाई.
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-भारत एक्सप्रेस
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