बांग्लादेश में चर्चा में रहे ‘जुलाई 2024 विद्रोह’ के प्रमुख आंदोलनकारी शरीफ उस्मान हादी (Osman Hadi) की मौत के बाद अब वहां के हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. हादी की मौत की खबर के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में उग्र प्रदर्शन शुरू हो गए, जिनमें आगजनी, भारत के खिलाफ नारे लगने, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई. आधी रात तक राजधानी ढाका समेत कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.
लगे भारत विरोधी नारे
बांग्लादेश में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं और राजधानी ढाका सहित कई इलाकों से हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं. वहीं, इस बार हिंसा की आंच भारत और भारतीय प्रतिष्ठानों तक भी पहुंच गई, जिसके कारण बांग्लादेश के कई हिस्सों में आगजनी, तोड़फोड़ के साथ-साथ भारत विरोधी नारों के लगने की खबरें मिल रही हैं.
इस पूरे घटनाक्रम की वजह बांग्लादेश के कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत की है. गुरुवार, 18 दिसंबर को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के शरीफ उस्मान हादी के निधन के बारे में बताने के बाद, कई शहरों में उग्र प्रदर्शन भड़क उठे. प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध शुरू कर दिया और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए. राजधानी ढाका में प्रदर्शनकारियों ने कई प्रमुख अखबारों के दफ्तरों को निशाना बनाया और इमारतों में तोड़फोड़ की.
भारत के कमिश्नर के आवास पर पथराव
रिपोर्ट्स के अनुसार, ढाका में भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर के आवास के बाहर पत्थरबाजी की गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है. हादी की मौत के बाद फैली हिंसा ने बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को गंभीर चुनौती दी है. प्रशासन हालात काबू में लाने की कोशिश कर रहा है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाए हुए हैं. हालांकि, अब आगे हालात और गंभीर होंगे या सही, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.
कैसे हुई हादी की मौत
शरीफ उस्मान हादी पर पिछले सप्ताह अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी की थी. उनके सिर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. हालत नाजुक होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया. स्थानीय मीडिया के अनुसार, छह दिनों के बाद गुरुवार रात करीब 9:30 बजे हादी की मौत हो गई.
हादी की मौत की खबर मिलते ही ‘जुलाई विद्रोह’ से जुड़े समर्थक और कार्यकर्ता ढाका के शाहबाग इलाके में जुट गए और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया.
वहीं, कई छात्र संगठनों ने ढाका विश्वविद्यालय परिसर में शोक जुलूस निकाला. इसके साथ ही गृह सलाहकार और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल जहांगीर आलम चौधरी का पुतला फूंकते हुए उनके इस्तीफे की मांग की.
अंतरिम सरकार ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने राष्ट्र के नाम संबोधन में हादी के निधन पर गहरा शोक जताया. उन्होंने उन्हें ‘जुलाई विद्रोह’ का निडर योद्धा बताया और भरोसा दिलाया कि हत्या में शामिल दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. यूनुस ने एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा करते हुए नागरिकों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हादी की पत्नी और उनके इकलौते बच्चे की जिम्मेदारी उठाएगी.
बयानों के लेकर पहले भी विवादों में रहा
बता दें कि शरीफ उस्मान हादी भारत विरोधी बयानों को लेकर पहले भी विवादों में बना हुआ था. हमले के दिन वह चुनाव प्रचार में निकले थे, तभी रिक्शे पर सवार दो अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी. हमले से कुछ घंटे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ का एक विवादित नक्शा साझा किया था, जिसमें भारत के पूर्वोत्तर हिस्से को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया था. हादी की मौत से पहले भी इस मुद्दे को लेकर बांग्लादेश में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन हुए थे और भारतीय दूतावास के सामने भी उग्र प्रदर्शन देखने को मिला था.
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-भारत एक्सप्रेस
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