Makar Sankranti Ban Bangladesh: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के शासन में मुस्लिम कट्टरपंथी वहां रहने वाले अल्पसंख्यकों खासकर हिंदू समुदाय पर कहर बनकर टूट रहे हैं. बांग्लादेश में आए दिन हो रही हिंदुओं की हत्या ने देश को अल्पसंख्यकों के लिये जहन्नुम बना दिया है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा तेज होती जा रही है.
इसी बीच कट्टरपंथियों ने हिंदुओं को बड़ी चेतावनी दी है. कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी ने हिंदुओं को मकर संक्रांति (बांग्लादेश में शक्रेन कहा जाता है) को लेकर निशाने पर ले लिया है. संगठन ने कहा है कि संक्रांति के अवसर पर संगीत बजाने, पतंग उड़ाने और सार्वजनिक उत्सव मनाने पर चेतावनी दी है. जिसके बाद हिंदुओं में डर का माहौल है.
कट्टरपंथी मुनादी कराकर दे रहे चेतावनी
जमात-ए-इस्लामी संगठन के नेताओं ने सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर पर मुनादी कर हिंदुओं को चेतावनी दी है कि वे इस्लामी मूल्यों की उपेक्षा ना करें. नहीं तो इसका परिणाम गंभीर होगा. इस चेतावनी के बाद बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं में डर का माहौल है.
हादी की हत्या के बाद तेज हुए हमले
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छात्र नेता उस्मान हादी की पिछले साल दिसंबर में गोली मारकर हत्या कर दी गई. जिसके बाद देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा तेज हो गई. एक महीने के अंदर ही कई हिंदुओं की बेहद ही हिंसक तरीके से हत्या की गई. जिसमें दीपू चंद्र दास, अमृत मंडल भी शामिल हैं.
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सदियों से मनाया जा रहा शक्रेन त्योहार
बांग्लादेश में शक्रेन त्योहार हर साल 14 जनवरी को उत्साह के साथ मनाया जाता रहा है. इस दिन बांग्लादेश के हिंदू पतंगबाजी, तिल-गुड़ से निर्मित मिठाइयां लोग एक दूसरे को बांटते हैं. हालांकि पिछले साल से इस्लामिक कट्टरपंथियों के द्वारा इस त्योहार को गैर-इस्लामी बताकर जमकर विरोध किया जा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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