Canada Separatist Movement: चीन के साथ कनाडा के रिश्तों को लेकर खुन्नस खाए बैठे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब कनाडा को ही तोड़ने में लग गए हैं. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अल्बर्टा के अलगाववादियों ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों से कई बार मुलाकात की है.
ये घटनाक्रम तब सामने आए हैं जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव अपने चरम पर है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों ने अल्बर्टा प्रॉस्पेरिटी प्रोजेक्ट (APP) के साथ कई बैठकें की है.
कनाडा से अलग होने की कर रहे मांग
अल्बर्टा प्रॉस्पेरिटी प्रोजेक्ट के अलगाववादी कनाडा से अलग होने की मांग लगातार करते रहे हैं. पश्चिमी कनाडा प्रांत में सक्रिय ये समूह जनमत संग्रह के आधार पर पश्चिमी प्रांत को कनाडा से अलग करने की मांग करते हैं.
अलजजीरा के मुताबिक एपीपी के नेताओं ने अप्रैल 2025 से अबतक तीन बार वाशिंगटन में जाकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की है.
इस संबंध में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शुक्रवार को कहा कि हमें उम्मीद है कि अमेरिका कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करेगा.
मार्क कार्नी ने की ये मांग
ओटावा में बोलते हुए मार्क कार्नी ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर स्पष्ट रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की है. उन्होंने कहा,
हम चाहते हैं कि दोनों पक्ष उन क्षेत्रों पर ध्यान दें जहां वे मिलकर काम कर सकते हैं.
अमेरिका के साथ APP की बैठकों ने कनाडा की घरेलू राजनीति में अमेरिकी हस्तक्षेप संबंधी चिंता पैदा कर दी है.
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अल्बर्टा के रहने वाले हैं मार्क कार्नी
मार्क कार्नी खुद अल्बर्टा के रहने वाले हैं. उनका पालन-पोषण राजधानी एडमोंटन में हुआ है. कनाडा के इस प्रांत में दशकों से स्वतंत्रता का आंदोलन चल रहा है.
डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की धमकी देते हैं. इससे पहले अमेरिका के वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने अल्बर्टा को अमेरिका के लिए एक स्वाभाविक भागीदार बताया था और उसके संसाधन संपदा और स्वतंत्रता की तारीफ की थी.
-भारत एक्सप्रेस
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