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बीच समुद्र में मौत के मुंह में फंसे 11,000 नाविक! ईरानी ड्रोन हमले के बाद UN ने होर्मुज में रोका रेस्क्यू

होर्मुज जलडमरूमध्य में मालवाहक जहाज पर ड्रोन हमले के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर बड़ा संकट पैदा हो गया है. 11,000 से अधिक नाविकों का निकासी अभियान रोक दिया गया है, जबकि हमले को लेकर अमेरिका ने ईरान पर आरोप लगाया है और ईरान ने इनकार किया है…

Hormuz Strait Blast: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं. अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार को एक ईरानी ड्रोन ने अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में जा रहे एक मालवाहक जहाज पर भीषण हमला कर दिया.

इस खौफनाक हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 11,000 से ज्यादा नाविकों (सैलर्स) को सुरक्षित बाहर निकालने के अपने ‘महा-रेस्क्यू ऑपरेशन’ पर फिलहाल तुरंत रोक लगा दी है. हालांकि, ईरान ने इस ड्रोन हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी से साफ इनकार किया है.

ओमान के तट के पास मालवाहक जहाज पर दागा गया प्रोजेक्टाइल

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि ओमान के तट के पास एक बड़े मालवाहक जहाज के दाहिने हिस्से पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल या सुसाइड ड्रोन से हमला हुआ है. इस हमले में जहाज के मुख्य ब्रिज को भारी नुकसान पहुंचा है, लेकिन राहत की बात यह रही कि चालक दल का कोई भी सदस्य घायल नहीं हुआ और न ही समुद्र में किसी तरह का तेल रिसाव हुआ. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने इस हमले के पीछे सीधे तौर पर ईरान की संलिप्तता का दावा किया है.

11,000 नाविकों की सुरक्षा दांव पर(Hormuz Strait Drone Attack)

इस अप्रत्याशित हमले के तुरंत बाद IMO के महानिदेशक आर्सेनियो डोमिंगुएज ने आपातकालीन बयान जारी करते हुए कहा कि सुरक्षा की दोबारा समीक्षा होने तक निकासी अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक अंतरिम समझौते के बाद इन 11 हजार सेलर को निकालने का मेगा-प्लान शुरू हुआ था, लेकिन इस हमले ने सुरक्षा गारंटी को तार-तार कर दिया है.

दूसरी तरफ, ईरान की पर्शियन गल्फ सीवेज मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन ने कड़क चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि केवल ईरान द्वारा तय किए गए रास्तों से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा की गारंटी होगी, क्योंकि इलाके में समुद्री माइंस का बड़ा खतरा है.

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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के दौरे के बीच भारी तनाव

यह (Hormuz Strait Drone Attack) वैश्विक संकट ऐसे समय में खड़ा हुआ है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो खुद खाड़ी देशों (Gulf Countries) के बेहद महत्वपूर्ण दौरे पर हैं. रुबियो वहां अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान हुए इस ड्रोन ब्लास्ट ने कूटनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है. होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ी इस चिंता ने वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रूट को पूरी तरह खतरे में डाल दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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