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PM Modi In Japan: India में 10 ट्रिलियन येन इन्वेस्ट करेगा जापान, दोनों देशों के बीच 150 MoU की घोषणा हुई, 50 हजार भारतीयों को मिलेगा रोजगार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के PM शिगेरु इशिबा के साथ 15वें समिट में हिस्सा लिया. जापान अगले 10 साल में भारत में 10 ट्रिलियन येन निवेश करेगा. दोनों देशों ने MoU साइन किए, जिसमें स्पेस, टेक और एनर्जी शामिल हैं.

PM Modi in Japan

पीएम मोदी और जापानी पीएम शिगेरु इशिबा ने 15वें भारत-जापान समिट के लिए मुलाकात की.

India-Japan Bilateral Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जापान के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचकर 15वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन (India-Japan Summit) में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा (Shigeru Ishiba) के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए. समिट में दोनों नेताओं की मौजूदगी में 150 MoU की घोषणा हुई, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करेंगे.

अगले 10 वर्षों के लिए रोडमैप तैयार होगा

पीएम मोदी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत और जापान की साझेदारी विश्व शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए आवश्यक है. उन्होंने अगले 10 वर्षों के लिए एक रोडमैप तैयार करने की बात कही, जिसमें निवेश, नवाचार, आर्थिक सुरक्षा, पर्यावरण, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, मोबिलिटी और लोगों के बीच आदान-प्रदान पर फोकस होगा. जापानी पीएम इशिबा (Shigeru Ishiba) ने भारत में अगले दशक में 10 ट्रिलियन येन (करीब 6 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करने का ऐलान किया. उन्होंने लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और स्टार्टअप्स को जोड़ने पर जोर दिया, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं मजबूत होंगी.

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हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट समेत ये काम होंगे

PM मोदी ने जापानी तकनीक और भारतीय प्रतिभा के संयोजन को ‘जीत पक्की’ बताते हुए कहा कि हाई-स्पीड रेल परियोजना के अलावा बंदरगाह, विमानन और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में अगली पीढ़ी की मोबिलिटी पार्टनरशिप विकसित की जाएगी. चंद्रयान-5 मिशन में सहयोग के लिए इसरो और जापान की स्पेस एजेंसी जाक्सा के बीच समझौते का स्वागत किया गया. यह साझेदारी पृथ्वी की सीमाओं से आगे अंतरिक्ष में मानवता की प्रगति का प्रतीक बनेगी.

दोनों देशों में डिजिटल पार्टनरशिप 2.0

इसके अलावा, दोनों देशों ने डिजिटल पार्टनरशिप 2.0, एआई सहयोग, सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ मिनरल्स जैसे हाई-टेक क्षेत्रों में प्राथमिकता देने का फैसला किया. संयुक्त क्रेडिट मैकेनिज्म को ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी जीत बताते हुए मोदी ने ग्रीन एनर्जी, सस्टेनेबल फ्यूल और बैटरी सप्लाई चेन पर फोकस किया. मानव संसाधन आदान-प्रदान योजना के तहत अगले 5 वर्षों में विभिन्न सेक्टरों में 5 लाख लोगों का एक्सचेंज होगा.

‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर वर्ल्ड’ का आह्वान

पीएम मोदी ने जापानी कंपनियों से ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर वर्ल्ड’ का आह्वान किया और इशिबा को अगले समिट के लिए भारत आने का न्योता दिया. रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख को स्पष्ट करते हुए मोदी ने इसे मानवता के आधार पर देखने की अपील की. PM इशिबा (Shigeru Ishiba) ने 2019 में वाराणसी की अपनी यात्रा को याद किया और भारतीय इतिहास से प्रभावित होने की बात कही. यह समिट दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत है, जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करेगी.

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